बाल कविता

गुरुजी सबसे प्यारे

गुरुजी सबसे प्यारे हैं,
ज्ञान-दीप उजियारे हैं।
अच्छी बातें हमें सिखाते,
जीवन के रखवाले हैं।

अ, आ, इ, ई पढ़वाते,
गीत सुनाकर मन बहलाते।
हँसते-हँसते ज्ञान कराते,
सपनों को सच बनवाते।

सत्य, प्रेम का पाठ पढ़ाते,
सबसे मिलकर रहना सिखाते।
मेहनत करना, आगे बढ़ना,
हर मुश्किल से लड़ना सिखाते।

गुरु पूर्णिमा का शुभ दिन आया,
मन में खुशियों का दीप जलाया।
फूलों से हम करें अभिनंदन,
गुरुजी को शत-शत वंदन।

गुरु का हम सम्मान करेंगे,
उनका हर उपकार धरेंगे।
ज्ञान-पथ पर आगे बढ़कर,
भारत का हम मान बढ़ाएँगे।

✍️ गोपाल कौशल भोजवाल

गोपाल कौशल "भोजवाल"

नागदा जिला धार मध्यप्रदेश 99814-67300

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