बारिश हो या तूफान, आराम नहीं करेंगे
बारिश की बूँद,
संकल्प अडिग रहे,
पथ मुस्काए।
तूफानी रात,
दीपक फिर भी जले,
हौसला अटल।
कदम बढ़ते,
मंज़िल पुकारे,
मन न रुके।
कड़ी धूप में,
पसीना मोती बने,
श्रम ही धन।
काँटों की राह,
साहस फूल खिले,
जीत निकट।
बादल घिरे,
विश्वास नभ बने,
आशा जगे।
हर संघर्ष,
नई सीख दे जाए,
जीवन खिले।
आराम नहीं,
कर्म बने पहचान,
सफलता मिले।
— डॉ. अशोक
