शब्दों की बाजीगरी (व्यंग्य)
मैं इसलिए लिखता हूँ, ताकि शब्दों की ताकत को पहचान सकूँ ! आप तो पति को ऑफ़िस भेजने और बच्चों
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Read Moreअपना भारत में राजतन्त्र नहीं, लोकतंत्र है ! हम ‘राजस्थान’ का नाम बदलकर ‘लोकस्थान’ कब रख रहे हैं? राजस्थान नाम
Read Moreकिसी ने लिखा- चायवाले (नमो) की दुकान/दूकान को दूधवाले (लालू-मुलायम) बन्द कर सकते हैं! तब मैंने कहा- चाय के लिए
Read More“साहस के अनुसार ही ज़िन्दगी फैलती और सिकुड़ती है !” कितना अच्छा कह गए भारतरत्न अब्दुल कलाम सर। ×××× जीवन
Read Moreनेता नहीं हूँ कि मुझे ‘वोट’ चाहिए ! इसलिए मैं अपनी शर्तों के साथ जीता हूँ ! ×××× राजनीति यानी
Read More‘इफ़्तार’ को पार्टी का रूप देकर ये राजनीतिज्ञ, जिन्होंने कभी भी एक रोज़ा तक नहीं रखा, सिर्फ ‘वोटर’ को अपनी
Read Moreयेन केन प्रकारेण धन अर्जित करनेवाले, बिना व्यवसाय के ‘मॉल’ अथवा शोरूम बनानेवाले ‘आर्थिक आतंकवादी’ हैं, इसे सख़्त सजा मिलनी
Read Moreहमारे गाँव के किसान चचाएँ कह रहे थे, इसबार मकई में घाटा लगा । बोने से लेकर काटने के वक्त
Read Moreधर्मेंद्र जी से कि दुनिया के सबसे बड़ा स्वयंसेवी संगठन और बड़ी संख्या में राष्ट्रवादी पैदा करनेवाला कारखाना ‘राष्ट्रीय स्वयंसेवक
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