उच्च शिक्षा परिसरों में एचआईवी के बढ़ते मामले : अब चुप्पी नहीं, संवाद ज़रूरी
देश का भविष्य उसके युवा तय करते हैं और युवा शक्ति का सबसे बड़ा केंद्र हमारे विद्यालय, महाविद्यालय और विश्वविद्यालय
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Read Moreआज का समाज तेजी से बदल रहा है और इस बदलाव की सबसे सशक्त तस्वीर कामकाजी महिलाओं के रूप में
Read Moreकभी टैटू जनजातीय पहचान, धार्मिक आस्था और सांस्कृतिक परंपराओं का प्रतीक हुआ करते थे। आज वे व्यक्तिगत अभिव्यक्ति, कला, फैशन
Read Moreभारत की सार्वजनिक परीक्षा प्रणाली केवल योग्य अभ्यर्थियों के चयन का माध्यम नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में समान अवसर, सामाजिक
Read Moreआज का समय प्रतिस्पर्धा का समय है। हर व्यक्ति किसी न किसी दौड़ में शामिल है। विद्यार्थी अच्छे अंक प्राप्त
Read Moreजब भी हम विश्वविद्यालय की कल्पना करते हैं, तो हमारे सामने विशाल भवन, आधुनिक पुस्तकालय, प्रयोगशालाएँ, व्याख्यान कक्ष, खेल मैदान
Read Moreभारत की शिक्षा व्यवस्था आज जिस मोड़ पर खड़ी है, वहाँ समस्या किसी एक व्यक्ति या किसी एक मंत्रालय तक
Read Moreखबरों का सफर अब समाचार कक्षों से नहीं, हथेली पर जगमगाती स्क्रीन से तय हो रहा है। उँगली के एक
Read Moreदेश में जब भी नीट (NEET) परीक्षा होती है, उसके बाद केवल परिणामों की नहीं, बल्कि पूरी व्यवस्था की चर्चा
Read Moreकिसी राष्ट्र का इतिहास केवल राजसत्ताओं, आंदोलनों और युद्धों से नहीं बनता; उसे दिशा वे व्यक्तित्व देते हैं, जो अपने
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