कविता

गौरैया

‘ गौरैया ‘

 

फुदक-फुदक कर चलती है,
पल में जगह बदलती है।
इसकी सुन्दरता सबने जानी,
गौरैया है चिड़ियों की रानी।

कितनी छोटी, कितनी न्यारी,
चीं-चीं की आवाज है प्यारी।
कोई है भूरी, कोई सफ़ेद,
प्रजातियां हैं इसकी अनेक।
हर घर में रहने की है ठानी,
गौरैया है चिड़ियों की रानी।

छोटे-छोटे पर हैं इसके,
मानव बस्ती में घर हैं इसके।
छोटी चोंच प्यारी है बड़ी,
पीले पैरों पर रहती खड़ी।
आज सुनो तुम इसकी कहानी,
गौरैया है चिड़ियों की रानी।

आती है घर-आंगन में ,
खुशियां लाती है जीवन में।
सुख-समृद्धि लेकर है आती,
मन में उमंगें भरकर जाती।
अपनी खूबी से अनजानी,
गौरैया है चिड़ियों की रानी।

संकट में आज गौरैया का जीवन,
ख़त्म हो रहा इसका आंगन।
कीटनाशक और मोबाइल टॉवर,
ख़त्म कर रहे अनमोल धरोहर।
वृक्षारोपण कर हरियाली है लानी,
गौरैया है चिड़ियों की रानी।

इसे सहेजो, इसे बचाओ,
घर के आँगन में इसे बसाओ।
इसकी आवाज की मधुरता,
सदा बनी रहे इसकी सुंदरता।
ये बातें हैं आज बतानी,
गौरैया है चिड़ियों की रानी।

अनुराग कुमार

नाम- अनुराग कुमार (नवोदित कवि) सदस्य- भारतीय साहित्य उत्थान समिति विधा- श्रृंगार, ओज आदि। पद- राजस्व लेखपाल शिक्षा- बी०एस-सी० (गणित) जमतिथि-19/09/1994 पिता का नाम- श्री रामदास साहित्यिक उपलब्धि- कई समाचार पत्रों व साहित्यिक पत्रिकाओं में रचनाएं प्रकाशित। संगम नवांकुर सम्मान, युवा साहित्य सम्मान, मानव जागरूकता सम्मान, मुंशी प्रेमचंद स्मृति सम्मान। पता- ग्राम-सिसवा, पोस्ट-खुटहा बाजार, जिला- महाराजगंज पिन- 273303 उत्तर प्रदेश मो०न०-8004292135 Email: [email protected]