नन्हा भक्त
छोटे-छोटे हाथ जोड़े, मन में सच्ची आस,नन्हा बच्चा खड़ा है जैसे, भगवान के बिलकुल पास। आँखें उसकी बंद हुई हैं,
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Read Moreगर्मी की छुट्टियाँ थीं। दस साल का विभोर अपनी छत पर बैठा आसमान देख रहा था।विभोर (सोचते हुए)- “सूरज इतना
Read Moreभोगीपुर गाँव के पूर्वी छोर पर फैले सरसों के खेतों के बीच एक छोटा-सा घर था। मिट्टी की दीवारें, खपरैल
Read Moreस्वर्णा नदी का बहुत पौराणिक एवं आध्यात्मिक महत्व है। यहाँ प्राचीनकाल से प्रति वर्ष मकर संक्रांति से लेकर वसंत पंचमी
Read Moreबर्फ गिरने की वह शांत रात डेनियल को हमेशा याद रहती है। खिड़की के बाहर चीड़ के पेड़ों पर जमी
Read Moreबहुत समय पहले की बात है, जब धरती इतनी गर्म नहीं होती थी और आकाश में बादल आराम से तैरते
Read Moreगोलू अपने माता-पिता की इकलौती संतान था। उसके माता-पिता यह सोचकर कि वे उसे बहुत समय नहीं दे पाते हैं,
Read More“दादी भूख लगी है.” पिकनिक के लिए अभी कार थोड़ा आगे चली ही थी कि छोटा पोता बोला.“क्या चाहिए बेटा?”
Read Moreपता नहीं उसे कौन लाया था ? कहाँ से आया था ? कैसे आया था वह ? कोई नहीं जानता।
Read Moreरूपाली और दिनेश को अपने घर की ओर आते देख कर भारती समझ गयी कि वे दोनों प्रदीप के घर
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