जब पढ़ा खड़ा हो और अनपढ़ बैठा हो: लोकतंत्र में शिक्षा का अपमान
किसी भी सभ्य समाज की पहचान उसकी शिक्षा‑व्यवस्था और उस शिक्षा को मिलने वाले सम्मान से होती है। शिक्षा केवल
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Read Moreदुनिया किस दिशा में आगे बढ़ रही है, यह किसी से छिपा नहीं। बीसवीं सदी में राष्ट्रों की शक्ति युद्ध
Read Moreहरियाणा लोक सेवा आयोग द्वारा हाल ही में जारी प्रेस विज्ञप्ति में अपनी कार्यप्रणाली को लेकर चार बिंदुओं में स्पष्टीकरण
Read Moreअंतरराष्ट्रीय राजनीति में कुछ संघर्ष केवल सीमाओं या संसाधनों तक सीमित नहीं होते, वे विचारधाराओं, सत्ता-संतुलन और नैतिकता की भी
Read Moreमकर संक्रांति का पर्व भारतीय संस्कृति में केवल एक तिथि नहीं, बल्कि ऋतु परिवर्तन, सामाजिक सहभागिता और लोकजीवन की जीवंत
Read Moreइक्कीसवीं सदी का विश्व गहरे अंतर्विरोधों से घिरा हुआ है। एक ओर अभूतपूर्व वैज्ञानिक-तकनीकी प्रगति, वैश्वीकरण और संचार क्रांति है,
Read Moreमेरी खामियों का शहर में ढिंढोरा पीटा गया,जैसे उनके गुनाहों ने कभी जन्म ही न लिया हो।मेरे हर सच को
Read Moreविकसित भारत युवा नेता संवाद (VBYLD) भारत की उस दीर्घकालिक सोच का हिस्सा है, जिसमें युवा केवल नीतियों के लाभार्थी
Read Moreहाल ही में वेनेजुएला में घटित राजनीतिक घटनाक्रम और उसमें अमेरिकी हस्तक्षेप ने अंतरराष्ट्रीय राजनीति में एक पुरानी बहस को
Read Moreहरियाणा की शिक्षा व्यवस्था आज एक ऐसे मोड़ पर खड़ी है, जहाँ प्रश्न केवल संसाधनों की कमी का नहीं, बल्कि
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