Author: डॉ. सत्यवान सौरभ

राजनीति

जब पढ़ा खड़ा हो और अनपढ़ बैठा हो: लोकतंत्र में शिक्षा का अपमान

किसी भी सभ्य समाज की पहचान उसकी शिक्षा‑व्यवस्था और उस शिक्षा को मिलने वाले सम्मान से होती है। शिक्षा केवल

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राजनीति

पारदर्शिता का भ्रम और हरियाणा लोक सेवा आयोग की कार्यप्रणाली पर गंभीर प्रश्न

हरियाणा लोक सेवा आयोग द्वारा हाल ही में जारी प्रेस विज्ञप्ति में अपनी कार्यप्रणाली को लेकर चार बिंदुओं में स्पष्टीकरण

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राजनीति

ईरान, ट्रंप और प्रतिरोध की राजनीति

अंतरराष्ट्रीय राजनीति में कुछ संघर्ष केवल सीमाओं या संसाधनों तक सीमित नहीं होते, वे विचारधाराओं, सत्ता-संतुलन और नैतिकता की भी

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धर्म-संस्कृति-अध्यात्म

मकर संक्रांति : पतंगबाज़ी, आनंद, संस्कृति और चेतना

मकर संक्रांति का पर्व भारतीय संस्कृति में केवल एक तिथि नहीं, बल्कि ऋतु परिवर्तन, सामाजिक सहभागिता और लोकजीवन की जीवंत

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इतिहास

स्वामी विवेकानंद का ‘विश्वगुरु भारत’

इक्कीसवीं सदी का विश्व गहरे अंतर्विरोधों से घिरा हुआ है। एक ओर अभूतपूर्व वैज्ञानिक-तकनीकी प्रगति, वैश्वीकरण और संचार क्रांति है,

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राजनीति

संवाद में निहित होती है लोकतंत्र की आत्मा

विकसित भारत युवा नेता संवाद (VBYLD) भारत की उस दीर्घकालिक सोच का हिस्सा है, जिसमें युवा केवल नीतियों के लाभार्थी

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राजनीति

वेनेजुएला संकट के बहाने वैश्विक शक्ति-संतुलन

हाल ही में वेनेजुएला में घटित राजनीतिक घटनाक्रम और उसमें अमेरिकी हस्तक्षेप ने अंतरराष्ट्रीय राजनीति में एक पुरानी बहस को

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शिक्षा एवं व्यवसाय

हाशिये पर जाती पढ़ाई और फाइलों में उलझता शिक्षक तंत्र

हरियाणा की शिक्षा व्यवस्था आज एक ऐसे मोड़ पर खड़ी है, जहाँ प्रश्न केवल संसाधनों की कमी का नहीं, बल्कि

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