सामाजिक

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गड्ढों, खुले मैनहोल और टूटी सड़कों के बीच जीवन – नागरिक कब सुरक्षित होंगे?

मृत्यु कब, कहाँ और कैसे आएगी, यह अज्ञात है। हमारे जीवन में, जो सामान्य सी बात लगती है, वैसे ही

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शब्दों का पतन, समाज का दर्पण : भाषा, संस्कृति और संस्कारों का संकट

भाषा केवल संवाद का माध्यम नहीं है, बल्कि यह किसी भी समाज के चरित्र का दर्पण होती है। यह संस्कृति

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मोल की दुल्हन पर चुप्पी, लव मैरिज पर पंचायत?

हरियाणा के जींद जिले में नौगामा खाप की महापंचायत द्वारा प्रेम विवाह करने वाले जोड़ों के 21 गांवों में प्रवेश

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