चींटी गुड़ खाती है
चींटी रोज मेरे घर आती है,झोले में रखे गुड़ खाती है। गुड़ खा-खाकर खूब हंसती हैं,अपने बच्चों को भी लाती
Read Moreचींटी रोज मेरे घर आती है,झोले में रखे गुड़ खाती है। गुड़ खा-खाकर खूब हंसती हैं,अपने बच्चों को भी लाती
Read Moreधूम रसायन से भर डाला।नील गगन काला कर काला।। औंधा है ज्यों बड़ा कटोरा।नहीं समझना ओढ़ा बोरा।।सहज स्वच्छ हो गगन
Read Moreकभी न कहें जो ‘ना’ वो नानी है,नाना-नानी की गोदी प्यारी,मिलतीं वहाँ मनचाही चीजें,नखरे उठाती नानी हमारी। नानी का घर
Read Moreनन्हे हाथों में बल्ला है,आँखों में अरमान।आँगन ही बन गया आज,सपनों का मैदान॥ हँसी-ठिठोली, दौड़-भाग,मस्ती की भरमार।जीत-हार से दूर हैं,प्यारा
Read Moreनन्हे-नन्हे हाथ में, डॉक्टर वाला खेल।हँसकर सबको बाँटता, खुशियों वाली रेल॥ शीशी, सूई, दवा लिए, करता खूब इलाज।भोली-सी मुस्कान में,
Read Moreखेलों का राजा फुटबाल।नब्बे मिनट का खेल कमाल।गोल – गोल है गेंद हमारी।खेले मिलकर टोली सारी। ग्यारह – ग्यारह की
Read Moreपापा के कंधों चढ़ा,नन्हा देखे गाँव।छोटी-सी मुस्कान में,बसता सारा ठाँव॥ आँखों में उत्साह है,मन में नूतन ज्ञान।पेड़ों-पंछी से करे,हर पल
Read Moreनन्हा मुन्ना बाल है, आँखों में अरमान।पेड़ों की हर डाल से, करता है पहचान।। डाली थामे देखता, पत्तों का संसार।प्रकृति
Read Moreहाथ तिरंगा ले खड़ा, नन्हा राजकुमार।चित्र-पुस्तक में खोजता, सपनों का संसार॥ फल-सब्ज़ी, वाहन सभी, देखे लेकर चाव।खेल-खेल में सीखता, ज्ञान
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