नौ दिन की आराधना
कलश सजाकर द्वार पर, दीप जलाएँ आज।माँ दुर्गा के नाम से, महके आँगन साज।। नौ दिन माँ के नाम हैं,
Read Moreकलश सजाकर द्वार पर, दीप जलाएँ आज।माँ दुर्गा के नाम से, महके आँगन साज।। नौ दिन माँ के नाम हैं,
Read Moreहर अपना अपना नहीं, भ्रम में रहना छोड़ ।समय पड़े तो देखिए, कौन निभाता जोड़ ।। रावण को विश्वास था,
Read Moreवन्यजीव किसी देश की प्राकृतिक संपदा भर नहीं होते, बल्कि वे उसके पारिस्थितिक तंत्र की जीवंत कड़ियाँ हैं। जंगल, घासभूमि,
Read Moreसमय बदलता जा रहा, बदल रहा संसार।जो चलता बदलाव सँग, करता नैया पार॥ बदलावों से डर भला, कब तक मन
Read Moreभारतीय संस्कृति में माता-पिता को देवतुल्य माना गया है। हमारे संस्कारों में माँ के चरणों में ममता, त्याग और करुणा
Read Moreअबला कहकर मत दबो, नारी है तलवार।हक़ की खातिर उठ खड़ी, करती सीधा वार॥ आँसू कमजोरी समझ, मत करना व्यवहार।बूँद-बूँद
Read Moreनन्हे-नन्हे प्यारे बच्चे,हँसते और मुस्काते।मिल-जुलकर जब खेलें सारे,मन को बहुत लुभाते। झूला झूलें, खेलें-कूदें,खुश होकर इतराते।कभी खिलौने, कभी कहानी,मिलकर खूब
Read Moreसच को कहने से सदा, डरता जो इंसान।भीड़ भले सम्मान दे, खो देता पहचान।। प्रश्न जहाँ मरने लगें, मौन जहाँ
Read Moreहिसार में अतिक्रमण हटाने के नाम पर एक रेहड़ी वाली महिला का सामान फेंके जाने का दृश्य सामने आता है
Read Moreसभी डरे थे देखकर, संकट का विस्तार।भारत का बेटा खड़ा, लेकर दृढ़ हुंकार॥ संयमी हवा में रहा, मन में रहा
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