Author: *डॉ. प्रियंका सौरभ

सामाजिक

जब कमाई रिश्तों से बड़ी हो जाए

भारतीय समाज में परिवार केवल रक्त संबंधों का समूह नहीं, बल्कि विश्वास, त्याग, साझेदारी और पारस्परिक उत्तरदायित्व की एक जीवंत

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धर्म-संस्कृति-अध्यात्म

आस्था की चौखट पर असुरक्षा

भारत की सांस्कृतिक पहचान केवल उसके इतिहास, भाषाओं और परंपराओं से नहीं बनती, बल्कि उन आस्था-स्थलों से भी निर्मित होती

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पर्यावरण

वेनेजुएला का भूकंप: मानवीय त्रासदी और आपदा-तैयारी की वैश्विक चेतावनी

प्रकृति जब अपना रौद्र रूप दिखाती है, तब वह मनुष्य की तकनीकी उपलब्धियों, आर्थिक प्रगति और प्रशासनिक दावों की वास्तविक

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