धरती
धरती हमसे पूछती, हर दिन एक सवाल।कुआँ पनघट कहाँ गए, कहाँ गई चौपाल।कहाँ गई चौपाल, कहाँ पीपल की छाया।नहीं किसी
Read Moreआई शुभ बैशाख में, पावन अक्षय तीज।तिथि अति महत्वपूर्ण ये, कहते आखातीज।।कहते आखातीज, पुण्य कर्मों का मेला।दान-धर्म की तीज, कटें
Read Moreसंविधान पूजनीय, शिल्पकार वंदनीय, राष्ट्र प्रेम हेतु धीर, त्याग कर्म साधना।। रक्षणार्थ प्राण दीप, धर्म ज्योति हो प्रदीप, शत्रु धीठ
Read Moreचाहे शांति सकल संसारी। हिंसा से भय दुख दोधारी।। रौद्रा रूप भभक फैलाता । स्वाहा सौख्य महज रूलाता।।
Read Moreजोता खेत हलधर हौले हैं। बोता बीज फसल डोले हैं।। दाता हर्षित मन फूले हैं। फूलों संग पवन झूले हैं।।
Read Moreदीदी टेंशन में दिखें, फूल रहे हैं पांवपप्पू लगे तनाव में, विफल हुए सब दांवविफल हुए सब दांव, गालियां देवें
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