हास्य व्यंग्य

नववर्ष पर आप भी खुश हो लीजिए

आइए!हम भी नववर्ष की खुशियों में डूब जायें अपनी परंपरा अपने संस्कार को ठेंगा दिखाएं और बड़ी बेशर्मी से नववर्ष का हुड़दंग मचाएं अपने नववर्ष का तो हमें भान भी नहीं होता अंग्रेज़ी नववर्ष पर खूब नाचें, गाएं,इठलाएं। अपनी तो कोई गरिमा या स्वाभिमान नहीं है गैरों ने जो लकीर खींच दी बस वो ही […]

आत्मकथा

अलविदा 2022, स्वागत 2023

  मां शारदे की कृपा से २०२२ का संघर्षमय समापन संभवतः मेरी अब तक की जिंदगी का चमत्कार ही है और यह चमत्कार मां शारदे का आशीर्वाद मिश्रित साहित्यिक जगत की अनेक प्रतिष्ठित हस्तियों, माता पिता तुल्य अग्रज, अग्रजा  वरिष्ठों, हम उम्र और छोटे भाई बहनों और सबसे खास उन आभासी दुनिया की छोटी, बड़ी […]

कविता

नववर्ष आ गया

नववर्ष आ गया ●●●●●●●●●● आखिर देखते देखते लो तेईस भी आ गया स्वप्न नये दिखला गया, था जिसका इंतज़ार मन था बेकरार वो समय भी आ गया। बाइस की भी ऐसी ही बेकरारी थी हम मानें न मानें मगर बीस इक्कीस की तरह बाइस भी सबक बहुत सिखला गया। हम चाहकर भी सबक सीखना नहीं […]

कविता

नववर्ष की चुनौतियां और तैयारियां

  नववर्ष के साथ नयी नयी चुनौतियां भी कम नहीं है, कोरोना का नया वैरिएंट अभी से धमका रहा है। राजनीति का पराभव किसी खतरे से कम नहीं है, नेताओं के बिगड़ते बोल देश की मानसिकता दूषित कर रहे हैं, स्वार्थ में अंधे नेता देश के लिए जोंक से कम नहीं हैं। जेल में नेता […]

कविता

यमराज का निमंत्रण

कल सुबह मैं घर के बाहर बैठा चाय पी रहा था, आदत के अनुरुप ही अखबार के एक एक शब्द को आंखों से नोच रहा था। तभी दूर एक साया नुमाया हुआ और करीब आया तो तो लगा यमराज का जुड़वां भाई आया। पर मेरा भ्रम तब टूट गया जब उसने खुद को यमराज बताया […]

कविता

कवि यमराज

आप इसे मजाक समझेंगे पर ये सच जितना ही सच है आज मैंने यमराज को देखा बेबस, लाचार, उहापोह का शिकार मेरे घर की मुंडेर पर बैठा बड़ी कशमकश से मुझे घूर रहा था, शायद कुछ सोच रहा है या निर्णय नहीं कर पा रहा था कि उसे मेरे पास आना चाहिए भी या नहीं […]

कविता

मेरा व्यक्तित्व

जाने क्यों आप लोग कहते हैं कि मैं अड़ियल टाइप इंसान हूं हठधर्मी,अकड़ू शैतान हूं। अब मैं क्या कह सकता हूं? आपकी अपनी सोच है जो सौ टका दुरुस्त भी है। आपको जानकर अचंभा होगा, क्यों कि आपके समर्थन में यमराज भी इसी बात पर अड़ा होगा। सुनने में आपको अजीब लगा न पर सचमुच […]

कविता

मौत और कवि की खिचड़ी

ऐ मौत! तू अभी ठहर तुझे इतनी जल्दी क्या थी अभी तो खिचड़ी पकी भी नहीं और तू मूंह उठाए आ गई पतीली पर नजर भी गड़ा लिया। चल अच्छा है मुझे आराम दिया मैं इंतज़ार करता तेरी राह तकता इतना तो ख्याल किया तूने। पर अब तू भी इंतजार कर मेरे साथ ये कवि […]

समाचार

सुधीर संरक्षक मनोनीत

प्रेरणा हिन्दी प्रचारिणी सभा ने देहदान की घोषणा कर चुके गोण्डा के सुधीर श्रीवास्तव को संरक्षक मनोनीत किया गोण्डा(उ.प्र.): देहदान की घोषणा कर चुके जनपद के वरिष्ठ कवि/साहित्यकार सुधीर श्रीवास्तव को “प्रेरणा हिंदी प्रचारिणी सभा”का संरक्षक मनोनीत किया गया है। उक्त मनोनयन सभा के संस्थापक कवि आ. संगम त्रिपाठी और सलाहकार आ.गुंडाल विजय कुमार द्वारा […]

समाचार

मैहर कवि सम्मेलन

(म.प्र.)मकस कहानिका हिन्दी पत्रिका द्वारा महिला कल्याण समिति, ढोरी, बोकारो के साथ मिल कर मैहर के आर पी पैलेस  में भव्य मैहर कवि सम्मेलन का आयोजन दिनांक ५.११.२०२२को संपन्न हुआ।कविसम्मेलन कार्यक्रम का प्रारंभ, गणमान्य अतिथियों तथा उपस्थित कवियों द्वारा माँ सरस्वती के चित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन के पश्चात माल्यार्पण और पूजन के साथ हुआ।मैहर […]