कुण्डलिया
मैंने जिस पर था किया, आँख मूँद विश्वास।उसने धोखा दे दिया, तोड़ हमारी आस।।तोड़ हमारी आस, दिखा दी अपनी रंगत।खीस
Read Moreभारतीय परंपरा और संस्कारों की प्रतीकता, जिसकी संवाहक बनती हमारी मातृशक्तियाँ। यह हमारा आपका सौभाग्य है कि हमारे अपने जीवन में हमसे ज्यादा मातृशक्तियों
Read Moreमाँ की ममता बड़ी अपार।मान रहे हम सब आधार।।कौन हुआ इससे उद्धार।करते रहिए माँ से प्यार।। प्राणी जीवन का ये
Read Moreजीवन एक किताब हैजिसमें होते हैं जीवन केविविध रंग बिरंगे अध्याय,जिसे हमको मन-बेमन से पढ़ना ही पड़ता है।कभी हँसना, तो
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Read Moreडूबे सब निज स्वार्थ में, झूठी तेरी आस। अब तो लगते हैं सभी, सड़ी हुई सी घास।। सावधान रहिए सभी,
Read Moreदोषारोपण से भला, मिले कौन सा ताज।दुनिया को बतलाइए, जो भी इसका राज।नाहक देते दिल दुखा, निज घमंड में चूर-इससे
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