जय श्री राम
बस झूठी मत माला जापें।बाकी चाहे राग अलापें।।राम नाम नहिं ओट मिलेगा।साथ नहीं अब और निभेगा।। इतना पाप करो मत
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Read Moreसोचता हूँ कुछ ऐसा लिखूँकि अमर हो जाऊँ।मरना तो एक दिन हमको भी हैतो क्यों न मरने का इतिहास लिख
Read Moreमतलब के सब रिश्ते नाते।बिना स्वार्थ अब काम न आते।।पड़े जरूरत आप बुलाते।नजर नहीं तब बिल्कुल आते।। पहले तो ये
Read Moreराष्ट्र प्रथम सिर्फ शब्द नहींभाव है, संवेदना है, समर्पण हैसिद्धांत, संकल्प, दृढ़ता, अनुशासन है।यह दो शब्द कहने के लिए तो
Read Moreलोकतंत्र के सबसे बड़े मंदिर संसद का मज़ाक़ बन रहा है,सदन में चर्चा-परिचर्चा, विमर्श के बजाय विरोध की आड़ में सड़क पर
Read Moreजंतर-मंतर पर धरना प्रदर्शन की आड़ मेंक्या कुछ नहीं हो रहा है,सत्ता की राजनीतिक रोटियां सेंकी जा रही हैंसंवैधानिक पदों
Read Moreमौन साध कर बैठे रहना।मान रहे क्या जीवन गहना।अन्याय देख जो चुप रहते ।समझो कितना कुछ वो सहते।। कायरता की
Read Moreस्वार्थ की भी अपनी दुनिया अपना सिद्धांत है आज जिसके पास स्वार्थ का हथियार नहीं है आज की दुनिया में वो बिल्कुल
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