भाषा-साहित्य

भाषा-साहित्य

देवेन्द्र माँझी के सृजन संसार में सामाजिक चेतना

समकालीन हिंदी और उर्दू साहित्य के परिदृश्य में देवेन्द्र माँझी एक अत्यंत संवेदनशील, यथार्थवादी और लोक-चेतना से संपृक्त रचनाकार हैं।

Read More
भाषा-साहित्य

हमारी राजभाषा का भविष्य हमेशा जगमगाता रहेगा

हिंदी केवल अक्षरों का समुच्चय या व्याकरण के नियमों में बंधी कोई व्यवस्था नहीं है बल्कि यह हमारे भीतर धड़कते

Read More
भाषा-साहित्य

उच्च न्यायपालिका में हिंदी के लिए बंद दरवाजों को धक्का देना पड़ेगा

राष्ट्रपति के आदेश 1960 में यह कहा गया था कि उचित समय आने पर सर्वोच्च न्यायालय की भाषा अंततः हिंदी

Read More
भाषा-साहित्य

हिंदी दिवस : हमारी सांस्कृतिक विरासत की अद्भुत ध्वनि और हम सबकी साझा पहचान

हिंदी भारत के जनजीवन में बहती हुई वह सशक्त धारा है, जिसमें इतिहास की स्मृतियां, लोकजीवन की सहजता, साहित्य की

Read More
भाषा-साहित्य

हिंदी दिवस: उत्सव नहीं, भाषा के भविष्य का संकल्प

हर वर्ष 14 सितंबर को मनाया जाने वाला हिंदी दिवस हमारे संवैधानिक इतिहास, भाषायी विविधता और सांस्कृतिक स्मृति से जुड़ा

Read More