भावी पीढ़ी द्वारा क्षेत्रीय बोली को विलुप्त होने से बचाना होगा
चिंता इस बात की है कि हजारों बोलियों में से आधे से ज्यादा खत्म हो चुकी हैं? क्योंकि, अब उन
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Read Moreमानव जीवन केवल विचारों या भावनाओं का नाम नहीं है। यह बुद्धि और हृदय के बीच एक सुंदर संतुलन है।
Read Moreसाहित्य किसी राष्ट्र की आत्मा का सबसे निर्मल स्वर है और साहित्यकार उस स्वर के अनथक साधक। वे शब्दों में
Read Moreसच्चा साहित्यकार बनने के लिए खुद में एक त्याग की भावना होनी चाहिए। सरलता, सादगी और समाज के सबसे कमजोर
Read Moreयह सवाल किसी भी संजीदा और संवेदनशील क़लमकार के आत्म-मंथन का सबसे बुनियादी और गहरा बिंदु है कि हम आख़िर
Read Moreप्रस्तावनाजीवन एक रहस्यमय यात्रा है — जिसे व्याकरण शास्त्री शब्दों की संरचना में देखता है और साहित्यकार भावनाओं के प्रवाह
Read Moreअच्छे लेखक बनने के लिए कलम, कापी के साथ एक अच्छे भावों की आवश्यकता होती है। किसी के यहाँ आपकी
Read More30 मई 1826 को कलकत्ता से प्रकाशित उदन्त मार्तण्ड के साथ हिंदी पत्रकारिता का जो सफर शुरू हुआ था, वह
Read Moreमानव सभ्यता एक ऐसे दौर में प्रवेश कर चुकी है जहां कृत्रिम मेधा केवल तकनीकी उपकरण नहीं रह गई, बल्कि
Read Moreमेरे अनुसार उक्त तथा अन्य सामग्री का अध्ययन से स्पष्ट होता है कि लघुकथा के ३ तत्व, १. क्षणिक घटना,
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