प्रज़ा
प्रज़ा तो द्रोपदी सी है उसे तो दाव पर ही लगना है राजा कोई भी हो चाहे राजा कौरव हो
Read Moreशब्द इस्तेमाल किये जाये यह जरुरी नहीं भाव भंगिमायें ही व्यक्त कर देती है आदमी के मन में छुपी बात
Read Moreमंज़िल का सफ़र कहते हैं जिसे हम असलियत में वह वापसी का सफ़र है यह नादानी है हमारी हम वापसी
Read Moreजरुरी नहीं की बातें ही हों तुम आसपास हो यह एहसास ही काफ़ी है जीने के लिए
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