ज़ेरॉक्स
ज़ेरॉक्स मशीन उसकी आँखें,
मन की हर धड़कन को आँकें,
कुछ भी उससे छुपा न पाऊँ,
भावों की प्रतिलिपि वे टाँकें।
निश्छल उजली गहरी आँखें,
सपनों के अक्षर भी भाँपें,
मौन रहूँ तो भी वह जाने,
मेरे मन के पृष्ठ वे छापें।
— सविता सिंह मीरा
ज़ेरॉक्स मशीन उसकी आँखें,
मन की हर धड़कन को आँकें,
कुछ भी उससे छुपा न पाऊँ,
भावों की प्रतिलिपि वे टाँकें।
निश्छल उजली गहरी आँखें,
सपनों के अक्षर भी भाँपें,
मौन रहूँ तो भी वह जाने,
मेरे मन के पृष्ठ वे छापें।
— सविता सिंह मीरा