वटवृक्ष की छाँव तले
वटवृक्ष की छाँव तले, यूं ‘श्रद्धा का दीप’ जलें,सावित्री के ‘अटल-प्रण’ से जीवन फिर सँवरें। माथे पर सिंदूर सजा, मन
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Read Moreप्यारे देशवासियों से करबद्ध गुहार फिर एकबार लगाई,आ. प्रधानमंत्री मोदी जी की सात अपीलें सामने आई,समय की मॉंग और सुझबूझ
Read Moreउजालों से मिलती है सीखबोध कराता है विश्वास, संकल्प के साथसहनशीलता की खामोशी का,जीवन यात्रा की अनवरत यात्रा के लिएहमारी
Read Moreभारत की जनगणना, जनगणना से जनकल्याण,नई सुबह है, नया संदेश- जनगणना की ऋतु है आई।सही-सही देना जानकारी, तभी बजेगी मधुर
Read Moreमन में कई इच्छाऍंबुद-बुद होती रहती हैं,अगर उस ओर ध्यान दें तोहम अपना रास्ता भूल जाते हैं। चित्त की सहज
Read Moreमाँ, ममता की मूरत, माँ, धरा का धीरज, माँ, ममत्व का आँचल, माँ, करुणा सागर।। माँ, प्रभु प्रतिरूप, माँ-सा न
Read Moreमैं पानी हूंजीवन की कहानी हूंबादल का भाग्यसमुद्र की गहराई हूंगंगा की पवित्रताआंखों की तराई हूं । मैं पानी हूंबूंद
Read Moreनीट का पेपर जब ‘लीक’ हुआ,हरेक सपना जैसे ‘ध्वस्त’ हुआ।अथक मेहनत की रातें ‘रो’ पड़ीं,ईमान की ‘राहें’ जैसे खोई पड़ीं।
Read Moreऊपर से नीचे तक कसीदे गढ़ रहे हैं,किसी को नहीं पता किस ओर बढ़ रहे हैं।राजा दिन को रात कह
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