कविता

मैं पानी हूं

मैं पानी हूं
जीवन की कहानी हूं
बादल का भाग्य
समुद्र की गहराई हूं
गंगा की पवित्रता
आंखों की तराई हूं ।

मैं पानी हूं
बूंद – बूंद स्वरूप हूं
यमुना का प्रेम
झरनों का संगीत हूं
हर कंठ की प्यास
धरती का अस्तित्व हूं ।

मैं पानी हूं
जन्म- मरण की कहानी हूं
आरंभ- अंत जो लिखा
वो अमर स्याही हूं
विनाश – सृजन का रूप
मैं पानी हूं…

— मुकेश कुमार ऋषि वर्मा

मुकेश कुमार ऋषि वर्मा

नाम - मुकेश कुमार ऋषि वर्मा एम.ए., आई.डी.जी. बाॅम्बे सहित अन्य 5 प्रमाणपत्रीय कोर्स पत्रकारिता- आर्यावर्त केसरी, एकलव्य मानव संदेश सदस्य- मीडिया फोरम आॅफ इंडिया सहित 4 अन्य सामाजिक संगठनों में सदस्य अभिनय- कई क्षेत्रीय फिल्मों व अलबमों में प्रकाशन- दो लघु काव्य पुस्तिकायें व देशभर में हजारों रचनायें प्रकाशित मुख्य आजीविका- कृषि, मजदूरी, कम्यूनिकेशन शाॅप पता- गाँव रिहावली, फतेहाबाद, आगरा-283111