श्रीरामचंद्र
श्रीरामचंद्र प्रभु कृपा करो ।हे रघुनंदन ! दुःख-शोक हरो ।। प्रभु तुम जगत के पालनहार ।हे रघुवर ! बेड़ा कर
Read Moreश्रीरामचंद्र प्रभु कृपा करो ।हे रघुनंदन ! दुःख-शोक हरो ।। प्रभु तुम जगत के पालनहार ।हे रघुवर ! बेड़ा कर
Read Moreभक्ति में शक्ति मिले और मिले विश्वासज्यों ज्यों पांव बढ़ाते जांव तो हो जावे मन शांतशिव की पूजा से मन
Read Moreॐ आञ्जनेय, महावीर, मारुतात्मज बलवान,रामदूत, रामभक्त तुम, जग में सबसे महान।मनोजव, महाकाय प्रभु, वज्रकाय सुखधाम,सीताशोक निवारण कर, करते सबका काम॥
Read Moreचैत्र की पूर्णिमा का पावन उजियारा,ये हर दिल में गूंजे जयकारा तुम्हारा।हे अंजनी के लाल ओ पवनसुत वीर,तुम संकट हरने
Read Moreप्रथम स्वरूप शैलपुत्री हे गिरिजा, हिमशिखर-विहारिणी, वृषारूढ़ा भव-तारिणी,त्रिशूल-दीप्त कर-कमल, करुणा-सिन्धु, मंगल-कारिणी।प्रथम प्रभा-सी तुम प्रकटो, जग में चेतन ज्योति जलाओ,भक्ति-सरित बहा
Read Moreजहां स्त्री वहां सृजन शक्तिन सिर्फ जनन प्राण-शक्तिसंचालिका ऊर्जा प्रशक्तिदैवीय मूर्ति प्रति भक्तिना प्रतीकों प्रति आसक्तिदैविय मंत्रों की पंक्तिसमझे अर्थ
Read Moreमन भर उत्साह से चलो नर्मदा तीर ।मिट जायेगी निश्चित ही जन्म -जन्म की पीर ।। रंग-बिरंगे घाट सजे मां
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