श्रीरामचंद्र
श्रीरामचंद्र प्रभु कृपा करो ।
हे रघुनंदन ! दुःख-शोक हरो ।।
प्रभु तुम जगत के पालनहार ।
हे रघुवर ! बेड़ा कर दो पार ।।
जन-जन को तुम्हीं से है आस ।
हे लंकेश -हंता ! शरण में है दास ।।
देश में फैली आपदा भ्रष्टाचार की ।
हे सूर्यवंशी ! बहा दो हवा सदाचार की ।।
आज हर जन काॅंप रहा है क्लेश में ।
हे राघव! क्या -क्या न हो रहा देश में ।।
दूर करो प्रभु संकट भारत का ।
हे अवधेश ! तिमिर मिटा दो रात का ।।
श्रीराम ‘मुकेश’ विनती करे आपसे ।
हे कोदंडपाणि! मुक्ति दे दो हर श्राप से ।।
— मुकेश कुमार ऋषि वर्मा
