नशे में डूब रही है जवानी
न वह चूल्हे की रोटी न वह घड़े का पानीबदल सी गई कुछ ऐसी ज़िंदगानीबुढापा भी कुछ और सा बीत
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Read Moreसुबह की नरम धूप जब आँगन में उतरती है,चिड़ियों की चहचहाहट मन को छूकर गुजरती है।एक प्याली चाय के साथ
Read Moreनहरे फ़रात नहीं तुझ सा कोई बद नसीब, साहिल पे तेरे प्यासा था कुनबा हुसैन का। या हुसैन! कर्बला की
Read Moreजीवन की जंग लड़ता तन, पीड़ा से भरा हर श्वास,फिर भी सभी को चाहिए, लक्ष्यों का विकास। रिश्तों की थकान,
Read Moreपत्थर भी अपने चले, अपने ही थे हाथ।फिर कहते निर्दोष हैं, कैसी झूठी बात॥ आग लगाकर बस्तियाँ, करते ऊँची बात।आँसू
Read Moreहां मैं लिखता हूंसिर्फ लिखने के लिए नहींअपने जज्बातों केइज़हार के लिए भी हां मैं लिखता हूंहर अल्फ़ाज़ में तुमकोमगर
Read Moreनन्हे हाथों में बल्ला है,आँखों में अरमान।आँगन ही बन गया आज,सपनों का मैदान॥ हँसी-ठिठोली, दौड़-भाग,मस्ती की भरमार।जीत-हार से दूर हैं,प्यारा
Read Moreधरती डोली एक पल, काँपे घर-दरबार।रोया सारा देश फिर, टूटा जन-आधार॥ मलबों में दबते रहे, कितने सपने-प्राण।भाषण देते रह गए,
Read Moreसच्चा साहित्यकार बनने के लिए खुद में एक त्याग की भावना होनी चाहिए। सरलता, सादगी और समाज के सबसे कमजोर
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