सच भूल गए
सत्ता के मद में सच भूल गए सोच रहे हैंभारत की पूरी जनता तो हमारी गुलाम है दुर्दशा है लोकतंत्र
Read Moreदावा नहीं करती दवा,रोग मिटाने का कभी,दुआ काम करती है वहाँ,बस दो मीठे बोल लिए। पता चल जाता है,कौन अपना,
Read Moreहमारे देश में एक आम बात देखने को मिलती है कि लोग पूरी ज़िंदगी पैसा जोड़ते हैं, लेकिन जब उसे
Read Moreसुबह के क़रीबन नौ सवा नौ का ही समय होगा । दिल्ली मेट्रो हर रोज़ की तरह खचाखच भरी हुई
Read Moreवह सुबह की पहली किरण हैजो अंधेरों को सहलाकर जगाती हैवह शाम की थकी हुई लालिमा हैजो दिनभर के सफ़र
Read Moreनन्हा मुन्ना बाल है, आँखों में अरमान।पेड़ों की हर डाल से, करता है पहचान।। डाली थामे देखता, पत्तों का संसार।प्रकृति
Read Moreबाहर ही मिलता है सब कुछयह नासमझी की हैं बातेंअमेरिका और कनाडा की रातों सेहैं सुंदर मेरे भारत की रातें
Read Moreपारिवारिक और सामाजिक जीवन में जहां वफादारी सबसे बड़ी पूंजी होती है, वहीं क्या सियासत की दुनिया में वफादारी सबसे
Read Moreगुरुग्राम के एक स्टैंडअप कॉमेडी शो में ₹370 की बिरयानी की कीमत एक महिला की अस्मिता से लगाने वाले दर्शक
Read More