कंगाल कर गए नेता
आई आँधी चुनाव की तो डर गए नेता।गहरी थी नींद घबरा के उठ गए नेता।।कब तलक और आराम गाहों में
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Read Moreआज की वैश्विक अर्थव्यवस्था एक ऐसे ऐतिहासिक मोड़ पर खड़ी है जहाँ पारंपरिक मान्यताएँ तेजी से टूट रही हैं और
Read Moreआज जब आप दोनों हमारे साथ नहीं हैंतब लगता है मैं एकदम अकेला हो गया हूँ,सुख-समृद्धि, मान सम्मान के बाद
Read Moreमाता पिता की कर ले सेवा।खायेगा तू मिश्री मेवा।।मान ले प्यारे मेरा कहना।जीवन का ये सुंदर गहना।। सबके कहाँ नसीब
Read Moreआइए! नया आरंभ करते हैंनव संकल्प का जयघोष करते हैं।कम से कम कुछ तो नव आरंभ करते हैंहृदय की वेदना
Read More21वीं सदी के तीसरे दशक में प्रवेश करते हुए मानव सभ्यता एक ऐसे विरोधाभास का सामना कर रही है, जहाँ
Read Moreपंचायती राज अर्थात् गांव की सरकार। यह सोच 2000 साल पुरानी है ऋग्वेद मौर्य काल तक गांव व्यवस्था थी जिसमें
Read Moreआज का युग दिखावे, तकनीक और स्वयं को श्रेष्ठ साबित करने की अंधी दौड़ का युग है। इस दौड़ में
Read Moreहमारे देश में महिलाओं की वीरगाथा का इतिहास रहा है. इस देश में सिर्फ रानी झांसी ही अकेली मर्दाना नहीं
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