ग़ज़ल
मुझको हंसने का बहाना दे दे।फिर वही वक्त पुराना दे दे।।बैठ पहलू में मेरे आकर फिर।बाद मुद्दत के रिहाना दे
Read Moreदिल्ली का ऐतिहासिक रामलीला मैदान महज़ ईंट-पत्थरों और रेती का एक टुकड़ा नहीं है, बल्कि यह भारतीय लोकतंत्र का वह
Read Moreमंडला-नेताजी सुभाषचंद्र बोस मेडीकल कालेज जबलपुर के प्रेक्षागृह में जाबालिपुरम सृजन संस्था का वार्षिक आयोजन संस्था-अध्यक्ष सुरेश शर्मा, अधिवक्ता के
Read Moreकभी व्यवस्था पर है प्रश्न उठाते,कभी संविधान की बात सुनाते।लेकिन जब “अवसर” मिलता है,वे तभी वादों को भूल भी जाते।
Read Moreतुम बिन सूना मन का आँगन,बन जाओ झंकार सखे !साँसें तुमको ढूँढ रही हैं,कर लो अब स्वीकार सखे ! मौन
Read Moreशाम का वक्त था। बाहर हल्की-हल्की फुहार पड़ रही थी और लिविंग रूम में दीवार पर लगी घड़ी की टिक-टिक
Read Moreपंचकूला के एक स्कूल में आठवीं कक्षा के छात्र द्वारा छह साल की बच्ची के साथ कथित क्रूर व्यवहार की
Read More