चिट्ठी
चिट्ठी जब-जब आती है,अलग सूचना लाती है। चिट्ठी में सुख-दुःख की बातें,प्यार भरी इसमें सौगातें।जहाज़, रेल, बस, नाव से,मीलों तय
Read Moreकाँटों ने भी ओढ़ ली, फूलों जैसी शान।देख रहे माली खड़े, किसका करें बखान।। रंग-बिरंगे फूल हैं, खुशबू सबकी खास।नकली
Read Moreझूठ सजाकर सत्य-सा, करते खूब प्रचार।क्लिकों फँसी इस भीड़ में, बिकता है व्यापार।। चेहरा बदला, बोल भी, बदला पूरा हाल।डीपफेक
Read More“चंदा मामा दूर के, पुए पकाएँ बूर के”—बचपन की दुनिया में शायद ही कोई ऐसी लोरी हो, जिससे भारतीय पीढ़ियों
Read Moreपितृ पक्ष भारतीय संस्कृति का वह स्वर्णिम काल है, जो हमें हमारी जड़ों और पूर्वजों के प्रति अटूट कृतज्ञता का
Read Moreकाजू और बादाम अब केवल मेवे नहीं रहे; वे लोकतंत्र की नई शब्दावली बन गए हैं। नांदेड़ (महारष्ट्र) की सूखे
Read Moreलोकतंत्र केवल चुनावों की व्यवस्था नहीं है, बल्कि नागरिकों और राज्य के बीच विश्वास का जीवंत अनुबंध है। किसी भी
Read Moreसंवेदनशील व्यक्तिएक विश्वास देता हैकुछ समय के लिए ही सहीवह आपके हृदय में उतरता हैसच को डूबने नही देता हैएक
Read Moreश्री राधा नाम में है अपार शक्तिकर लो श्री राधे रानी जी की भक्तिनैया आपकी लग जाएगी पारआज है श्री
Read Moreदुआ वो दौलत है,जिसके आगे ताज भी झुक जाता है,जिसके लिए अमीर भी हाथ उठाकर माँगता है।बद्दुआ वो आग है,जो
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