गीत
अंतरमन का मौन संवाद —©मंजूषा श्रीवास्तव “मृदुल” मन के भीतर कोई छुपकेधीरे-धीरे गाता है,मौन बने उस संवादों मेंसच अपना मिल
Read Moreसीख:गृह लक्ष्मी वह नहीं, जिसे केवल पूजा जाए—गृह लक्ष्मी वह है, जिसे समझा जाए, सुना जाए और समान अधिकार के
Read Moreहर साल नई किताबें : बच्चों पर बोझ और प्रकृति पर चोट शिक्षा किसी भी देश की प्रगति का आधार
Read Moreअपनी विरासत गर संभाल हम पातेस्वार्थी तत्वों से बचाकर रख पातेराष्ट्र धर्म जो पूरी शिद्दत से निभातेऔर जयचंदों की पहचान
Read Moreमजदूर दिवस केवल एक तिथि विशेष का उत्सव या कैलेंडर का कोई लाल पन्ना मात्र नहीं है, बल्कि यह उस
Read Moreवॉशिंगटन के प्रतिष्ठित वॉशिंगटन हिल्टन में शनिवार रात हुई गोलीबारी ने पूरी दुनिया को एक बार फिर चौंका दिया। यह केवल एक
Read Moreजिस दिन बाबा इस ‘रोज़-ए-फ़ानी’ से विदा हुए, उस दिन आसमान पर घटाएं नहीं थीं, मगर घर के अंदर एक
Read Moreउम्र का यह दौर चौथा, हम तन्हा रह गये,रिश्तों को सँवारा नही, अब तन्हा रह गये।पंख मिले बच्चों को, निज
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