कुछ बातें
सत्तर तो बीत गये, इकहत्तर की तैयारी है,जीवन बने मूल्यवान, सीखने की बारी है। घड़ी का महत्व क्या, घड़ी ने
Read Moreविश्व में जितनी संस्थाएं हिंदी की सेवा के लिए बनी हुई हैं, उतनी संस्थाएँ किसी अन्य भाषा के लिए नहीं
Read More(१)अपनी भाषा की तरक्की से हीहोगी देश की तरक्की।जो अपनी मां को भूल गयावह तरक्की क्या कर पाएगा?जो अपनी भाषा
Read Moreअपनी हिंदी की तो बात ही निराली है। जिस देश में हिंदी फिल्मों के कलाकार हिंदी में अभिनय करके करोड़ों
Read Moreभारत की “स्व“ भाषा हिंदी के लिए 14 सितंबर का दिन निर्धारित किया गया है क्योंकि इसी दिन भारत की
Read Moreकलम थमाई थी जिन हाथों में,वो जात टटोलने निकले हैं,किताबों के पन्नों को छोड़कर,वो ऊंच नीच अब सीख रहे हैं,अभी
Read Moreसोनबरसा गाँव के आख़िरी छोर पर कावेरी अम्मा का पुराना घर था। बरसात होते ही वह खिड़की के पास बैठकर
Read Moreधरती डूबी पर्वत कांपे, रोया सकल जहान है।मलबे में सब स्वप्न दब गए, सूने हुए मकान हैं। चीखों से काँपा
Read Moreमैंने हवा से पूछा-हे हवा !तुम चल रही होअनवरत आगे बढ़ रही होबिना रुकेकोई थकावट नहींबिना डरे हुएहर मुकाबला करने
Read Moreहर वर्ष गणेशजी का आगमन केवल उत्सव नहीं, स्वयं से मिलने का अवसर भी होता है। गणेश चतुर्थी आस्था, आनंद
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