पढ़ा लिखा मजदूर हुआ
करना था व्यापार मगर मैं जॉब में आकर अटक गया, ज्यादा धन के लालच में, मै लक्ष्य से अपने भटक
Read Moreकरना था व्यापार मगर मैं जॉब में आकर अटक गया, ज्यादा धन के लालच में, मै लक्ष्य से अपने भटक
Read Moreथम थम कर क्यों बज रही, पायल तेरी बोल।झुमकी धरती पर मिली,राज जरा तू खोल।। छेड़ नहीं मुझको प्रिये,जाने तू
Read Moreउत्तराखंड में मतदाता सूची की सफाई शुरू हुई तो लगा, जैसे लोकतंत्र के पुराने घर में झाड़ू चल रही हो।
Read Moreसाइकिल तथा काररास्ते से जा रहे थेअपनी सौंदर्य तथातेज रफ्तार परकार को अभिमान थाकार साइकिल से बोली,तुम्हारी औकात छोटी हैएक
Read Moreभारतीय लोकतंत्र की सबसे बड़ी शक्ति उसकी व्यापकता, विविधता और संवैधानिक समानता में निहित है। संविधान ने प्रत्येक नागरिक को
Read Moreभारत में तंबाकू नियंत्रण के सामने अब एक नई चुनौती खड़ी हो रही है। बाजार में ऐसे निकोटिन पाउच तेजी
Read Moreसोचो समझो फिर करो, अपना आज सुधार। क्योंकि मिलता है नहीं, ये तो कहीं उधार।। ये तो कहीं उधार, हृदय
Read Moreकल दोपहर मैं अपनी आड़ी-तिरछी रचनाओं में उलझा हुआ था,कि मित्र यमराज कबाब में हड्डी सरीखे आ गएस्वागत सत्कार जलपान की परंपरा
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