हिंदीमय भारत कर दो
राजनीति ने फिर हिंदी की, चुन्नी आज उछाली है।लाज छोड़़कर एक हो गया, ग्राहक एवं माली है।उठो कलम के प्रखर
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Read Moreलो आ गया राजभाषा हिन्दी दिवससब मिल करें हिन्दी का गुणगानएक साथ मिलकर सब शपथ लेंदिलवाएंगे राष्ट्रभाषा का स्थान। पूरब,पश्चिम
Read Moreजब आपके हाथकिसी बेबस के लिएआगे बढ़ते हैंबिना उससे उम्मीद कियेआप सदैव आगे बढ़ते हैंनेक रास्ते परतुम सदैव डटे रहते
Read Moreहर युग अपनी पहचान अपने निर्माणों से छोड़ता है; लेकिन आने वाला समय यह पूछेगा कि इन निर्माणों ने इंसान
Read Moreकेवल करें क्यों आराधना?आओ मिल हम करें साधना।। आराधना में हमें, मिले मंत्र हैं।साधना में, सफलता का तंत्र है।विकास पथ
Read Moreविश्व में जितनी संस्थाएं हिंदी की सेवा के लिए बनी हुई हैं, उतनी संस्थाएँ किसी अन्य भाषा के लिए नहीं
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