उच्च न्यायपालिका में हिंदी के लिए बंद दरवाजों को धक्का देना पड़ेगा
राष्ट्रपति के आदेश 1960 में यह कहा गया था कि उचित समय आने पर सर्वोच्च न्यायालय की भाषा अंततः हिंदी
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Read Moreमाटी से रिश्ता रहे, मन में हो विश्वास।आँधी चाहे ज़ो करे, ना छोड़े हम आस।। धूप मिली तो तप गए,
Read Moreभारत में तेजी से बढ़ता शहरीकरण आर्थिक विकास, रोजगार और बेहतर जीवन-स्तर के अवसर तो पैदा कर रहा है, लेकिन
Read Moreआप दीप जलाते हैं या नहीं जलाते, यह आपका व्यक्तिगत निर्णय है। किसी धार्मिक परंपरा को मानना, उससे दूरी रखना
Read Moreवर्तमान वैश्विक राजनीति एक अत्यंत संवेदनशील और परिवर्तनशील दौर से गुजर रही है जहां राष्ट्रीय सीमाएं और पुराने राजनीतिक समझौते
Read Moreसेवानिवृत्ति सामान्यतः वह घड़ी है, जब आदमी अपनी उपलब्धियों का हिसाब करता है और आगे के जीवन की सुविधाओं की
Read Moreवह सींचती है घर कोअपने मेहनत सेभोर में ही उठ जाती हैकुछ बाकी सी नींद रह जाती हैफिर भी उठती
Read Moreसारांश :प्रस्तुत शोध पेपर ‘बसंत’ काव्य संग्रह की भाषा-शैली के सौंदर्य और शिल्प का विश्लेषण करता है। कवि मुकेश कुमार
Read Moreनन्हे हाथों सीखता, ज्ञान भरी हर बात।पढ़-लिखकर आगे बढ़े, रोशन हो दिन-रात।। टैबलेट पर पाठ पढ़, मन में नई उड़ान।ज्ञान
Read Moreबचपन की वह मासूम सी बातें,अब पीछे छूटने लगी हैं,ख्वाबों की नाजुक सी डोरियाँ,वक्त के साथ टूटने लगी हैं।बाजार की
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