कविता
आधुनिकता की आंधी ऐसी आई,कि जाकर मोबाइल से टकराई,रिश्ते नाते ने मोबाइल में बना लिया घर,चाहे वो गाँव हो या
Read Moreउत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनावों की आहट के साथ ही सभी राजनैतिक दलों ने अपना गुणा-भाग करके उसके आधार पर
Read Moreसफेद बालों को देखकरअपनी पत्नी से कह दिया किअब तो तुम बूढ़ी हो रही हो,अपने आज में खो रही हो,उसने
Read Moreभारतीय कृषि अब एक नए युग की ओर अग्रसर है, जहाँ विकास का आकलन करने के लिए केवल वृद्धि ही
Read Moreहमारे देश में परोपकार की भावना बड़ी प्रबल है। आदमी अपने लिए समय न निकाले, पर दूसरों को धुआँ देने
Read Moreपाकिस्तान में जो कुछ हो रहा है, उसके लिए मैं पूरी तरह से पाकिस्तान सुप्रीम कोर्ट के जजों को ज़िम्मेदार
Read Moreसाधारण सी कविताभी चोंच मारती हैआपकी गलतियों परकीचड़ उछालती हैभले छोटी हैपर आपकी औकात कोनापती हैझूठी बातों परताला लगा देती
Read Moreवक्त ख़ुद तो कभी दिखाई नहीं देता,मगर हाँ,वक्त सब कुछ दिखा देता।कौन अपना है,कौन पराया,ये समझा देता,चेहरों के पीछे छिपा
Read Moreलोकतंत्र केवल सरकार बनाने की व्यवस्था नहीं है, बल्कि यह समाज के प्रत्येक नागरिक को अपने भविष्य, अपने अधिकारों और
Read More1987 में दलित साहित्य अकादमी, बैंगलोर द्वारा प्रकाशित अपनी किताब ‘मेरिट माई फ़ुट – रिप्लाई टू एंटी-रिज़र्वेशन रेसिस्ट्स’ (Merit My
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