मजदूर चाहता है
दो प्रेम के मीठे से बोल डाल दे थके बदन में जान,ये मजदूर चाहता है तुमसे बस थोड़ा सा सम्मान
Read Moreदो प्रेम के मीठे से बोल डाल दे थके बदन में जान,ये मजदूर चाहता है तुमसे बस थोड़ा सा सम्मान
Read Moreबरसों बीत गए थे, यादों की धूल ने उन रास्तों को धुंधला कर दिया था जिन पर हम कभी साथ
Read Moreबीते दिन की धूपमन के आँगन में आजधीरे उतरती यादों के धागेसमय से बुनते रहतेजीवन का ताना कल की परछाईआज
Read Moreवैश्विक अर्थव्यवस्था के बदलते प्रवाह के बीच 27 अप्रैल 2026 को नई दिल्ली के भारत मंडपम में वह ऐतिहासिक क्षण दर्ज हुआ, जब भारत–न्यूजीलैंड मुक्त
Read Moreअमेरिकी राष्ट्रपति द्वारा इज़राइल को सहयोग देकर जिस तरह ईरान के ख़िलाफ़ युद्ध छेड़ा गया है और अब अमेरिकी सेना
Read Moreलोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने महिलाओं के खिलाफ अपराध के मुद्दे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उत्तर प्रदेश
Read Moreभारत में एक महिला होने का अर्थ है परंपरा और परिवर्तन, संघर्ष और ताकत, सीमा और असीम संभावनाओं के जटिल
Read Moreकुछ उम्मीद तो उनसे लगाकर रखिए,रात अंधेरी सही, चिराग़ तो जलाकर रखिए, दुश्मनी लाख तुम्हारे दिल में हो लेकिन,तकाज़ा ये
Read More