चंचल मन
“मन रे तू काहे न मेरी बात सुने…” यह उक्ति केवल एक काव्य पंक्ति नहीं, बल्कि मानव चेतना की सबसे
Read Moreअलमारी के ऊपरी खाने में रखी लाल साड़ी को सविता ने आज फिर बाहर निकाल लिया।सुनहरी जरी की महीन बेलें
Read Moreजमुई की सड़क पर उस शाम जो हुआ, वह सिर्फ दो नाबालिगों के साथ हुई बदसलूकी का मामला नहीं था,
Read Moreएक समय था जब अपना नाम लिख लेना ही साक्षरता मानी जाती थी। फिर कंप्यूटर चलाना सीखना साक्षरता बन गया।
Read Moreमहाराष्ट्र में इस बार सूखे ने सिर्फ खेत नहीं सुखाए, व्यवस्था की तैयारी भी उजागर कर दी है। मुख्यमंत्री देवेंद्र
Read Moreओ सिस्टम के बेईमानों,तुम कब तक आंख चुराओगे?संविधान की पावन प्रति को,कब तक धूल चटाओगे?हक़ खा रहे, लहू पी रहे,ओ
Read Moreडाल-डाल पर आयी तितली,सबके मन को भायी तितली।सुन्दर-सुन्दर फूल खिले हों,देगी वहीं दिखायी तितली।। तितली रानी, रूप तुम्हारा,लगता सबको प्यारा-प्यारा।फूल-फूल
Read Moreबाजों से वह क्यों डरे, चिड़िया रखती पंख।हिम्मत जिसके खून में, टूटे हर इक दंभ।। गिरने का डर छोड़ दे,
Read Moreकिसी फिल्म, वेब सीरीज या मनोरंजन सामग्री को लेकर समाज में बहस होना कोई नई बात नहीं है। भारत जैसे
Read More