ताकि भू-जल तक नहीं पहुँच पाए प्रदूषण का ज़हर
हमारे पैरों के नीचे बहता भू-जल सिर्फ़ पानी का स्रोत नहीं, बल्कि जीवन की गहराई में छिपा वह आधार है
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Read Moreकिसी भी लोकतांत्रिक समाज में कारागार व्यवस्था केवल अपराध और दंड का प्रतीक नहीं होती, बल्कि वह राज्य की संवेदनशीलता,
Read Moreवैश्विक स्तरपर दुनियां में हर देश ने तेजी से बढ़ती प्रौद्योगिकी,विकास से बढ़ते डिजिटाइजेशन ने शारीरिक श्रम को विशाल स्तरपर
Read Moreवैश्विक स्तरपर भारत का बिजली क्षेत्र अब एक ऐतिहासिक परिवर्तन के दौर से गुजर रहा है।दशकों तक देश में बिजली
Read Moreकिताबें केवल काग़ज़ के पन्नों का ढेर नहीं होतीं। ये मानव के सदियों पुराने अनुभव, ज्ञान, आशाएँ और आँसुओं का
Read Moreउत्तर प्रदेश भाजपा अध्यक्ष की कुर्सी पर आलाकमान ने एक बार फिर पिछड़ा वर्ग यानी ओबीसी समाज से आने वाले
Read Moreजातिवाद और क़ौमवाद आज के भारतीय समाज के सामने खड़ी सबसे गंभीर चुनौतियों में से एक हैं। सवाल यह है
Read Moreस्मिता पाटिल का अभिनय भारतीय सिनेमा के इतिहास में एक ऐसा अध्याय है जो यथार्थवाद, संवेदनशीलता और स्त्री-संघर्ष की अनकही
Read More— संजय सक्सेना हिन्दुस्तान मुसलमानों की जहनियत में पिछले चार-पाँच दशकों से काफी बदलाव देखने को मिल रहा है। भारत
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