सामाजिक शुचिता, विश्वास, सौहार्द्र व मजबूती के आधारभूत उपकरण: यम
भारतीय मनीषीयों ने जीवन को केवल व्यक्तिगत मोक्ष का साधन नहीं, सामाजिक निर्माण का आधार भी माना है। योग कोई
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Read Moreकुदरत द्वारा बनाई इस अनमोल सृष्टि में मानवीय जीवन की रफ्तार इतनी तेज़ हो गई है कि सुबह से शाम
Read Moreअनाज की उपलब्धता से आगे बढ़कर संतुलित, विविध और किफायती आहार सुनिश्चित करना होगा, तभी बनेगा स्वस्थ और सशक्त भारत
Read Moreत्योहार खुशी, आपसी मेल-जोल, उदारता और उत्सव के अवसर होते हैं। भारत में मिठाइयाँ, नमकीन और पारंपरिक व्यंजन इन उत्सवों
Read Moreखाद्य सुरक्षा किसी भी राष्ट्र की आर्थिक समृद्धि, सामाजिक न्याय और मानवीय विकास का आधार है। जिस देश के नागरिकों
Read Moreसेहत के लिए बहुत ही गुणकारी और फायदेमंद माने जाते हैं। इन्हें बनाना बहुत आसान है। यहाँ अलसी के लड्डू
Read Moreक्या आपने कभी भोजन करने के बाद अचानक सुस्ती या नींद महसूस की है? दोपहर के भोजन के बाद आँखें
Read Moreहम दिनभर में न जाने कितनी बार साँस लेते हैं। साँस लेना इतना सहज और स्वाभाविक है कि हम शायद
Read Moreआजकल लोगों में जीवनी शक्ति का बहुत अभाव पाया जाता है। इतना कि जरा सा मौसम बदलने पर भी वे
Read Moreआम आदमी के लिए योग का अर्थ है — सुबह-सुबह पार्क में जाकर दो-चार आसन कर लेना, थोड़ा प्राणायाम कर
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