इंजीनियरिंग के कल से आज और आज से कल तक
हर युग अपनी पहचान अपने निर्माणों से छोड़ता है; लेकिन आने वाला समय यह पूछेगा कि इन निर्माणों ने इंसान
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Read Moreडॉ. सत्यवान सौरभ समकालीन हिंदी पत्रकारिता, साहित्य और सामाजिक चिंतन के क्षेत्र में सक्रिय एक स्वतंत्र पत्रकार, स्तंभकार, कवि, साहित्यकार एवं
Read Moreभारत में 5 सितंबर को शिक्षक दिवस मनाया जाता है। लेकिन मुझे अफ़सोस है कि मैं इसे नहीं मना सकता।
Read Moreशिक्षक सिर्फ किताबी ज्ञान न देकर अपने छात्रों को जीवन जीने की कला को सीखता है। उनके चरित्र का निर्माण
Read Moreशिक्षा का स्वरूप आज जिस तीव्र गति से बदल रहा है, वैसा परिवर्तन शायद पहले कभी देखने को नहीं मिला।
Read Moreलालगांव, रीवा। मंदिर में चढ़ाया गया प्रसाद कुछ क्षणों की तृप्ति देता है, लेकिन किसी निर्धन विद्यार्थी के हाथ में
Read Moreभारत में स्वामी विवेकानंद सर्व स्वीकृत व समादृत देशभक्त संन्यासी हैं। उनका काल भले ही बीसवीं शताब्दी रहा हो, उनका
Read Moreपाँच सितंबर को स्कूलों में सम्मान का शोर उठता है—दीवारों पर रंग चढ़ते हैं, हाथों में फूल आते हैं और
Read Moreसृष्टि के आरंभ से मनुष्य की सबसे बड़ी यात्रा अंधकार से प्रकाश की ओर रही है। जंगलों की अनजान पगडंडियों
Read Moreकृत्रिम मेधा यानी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस अब भविष्य की कोई दूर की तकनीक नहीं रह गई है। यह हमारे आसपास के
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