चिंतनीय
एससीएसटी ओबीसी आरक्षण वालों के लिये सरकार को प्रत्येक जिले में प्राइमरी से उच्च स्तर तक विशेष स्कूल कॉलेज तकनीकी विद्यालयों, चिकित्सा केन्द्रों का निर्माण करना चाहिये। जिसमें प्रबन्धन से लेकर कर्मचारी स्टाफ़ विद्यार्थी व लाभार्थी एस सी एस टी ओबीसी वर्ग से ही हों।
सामान्य वर्ग को तो मोटी फ़ीस भी देनी है, उसके लिये कोई नौकरी भी आरक्षित नहीं होती। उसका वर्तमान तथा भविष्य केवल मेहनत व योग्यता पर टिका रहता है। कुछ लोगों मुफ़्तख़ोरों के लिये योग्यता कब तक पिसती रहेगी?
आई आई टी मुम्बई की घटना में नक़ल को मुद्दा बनाकर जो घटनाक्रम चल रहा है, वह निंदनीय है। किसी छात्र की मृत्यु दुर्भाग्यपूर्ण व दुखद है। परिवार के लिये असहनीय दुःख होता है। उसके कारण व निदान पर चर्चा न करके राजनीति करने वाले नेता छात्र सभी इसके दोषी हैं।
प्रोफ़ेसरों का त्यागपत्र देना योग्यता का पलायन कराना है।
फिर किससे पढ़ेंगे यह छात्र?
कभी पेपर लीक होने पर हंगामा तो कभी नक़ल रोकने पर प्रोफेसर का अपमान? क्या लक्ष्य है विद्यार्थियों का?
— डॉ अकीर्तिवर्द्धन
