यादें…
यादों की रौशनी हैं , मेरे दिल के शहर में,
तहज़ीब जिंदगी हैं , मेरे दिल के शहर में।
तेरा ख्याल, तेरी तलब, बस तेरी आरज़ू,
एक भीड़ सी लगी हैं, मेरे दिल के शहर में।
दुनियां की नेमतें तो, यहां दस्ताव हैं,
तेरी ही एक कमी हैं, मेरे दिल के शहर में।
गुजरेंगे वो इधर से, सुनी जब से ये खबर,
हलचल मची हुई हैं, मेरे दिल के शहर में।
ताबिश ये कम नहीं हैं, कि ज़ख्मों के रूप में,
फूलों की ताजगी हैं, मेरे दिल के शहर में।
— आसिया फ़ारूक़ी

एक प्यारी सी सजनी है, मेरे दिल के शहर में।
वो चुपके से आ बसी है, मेरे दिल के शहर में।।