हास्य-व्यंग्य – पद्म पुरस्कार के लिए प्रतीक्षारत कवि
कवि चुन्नीलाल एक वरिष्ठ कवि हैं। कई साल जिंदगी का साहित्य में गंवा दिये। उम्र का अंतिम पड़ाव है। कब
Read Moreकवि चुन्नीलाल एक वरिष्ठ कवि हैं। कई साल जिंदगी का साहित्य में गंवा दिये। उम्र का अंतिम पड़ाव है। कब
Read Moreकवि मुरारीलाल का एक बार और मन कर रहा है कि पुस्तक का लोकार्पण और हो जाता तो दिल को
Read Moreएक लेखक मेरे एक साहित्यिक कथन पर उनकी आत्मा फट गयी। आंखें बड़ी-बड़ी हो गयी। हेय दृष्टि से देखने लगे।
Read Moreइस देश में कोई कितना ही बड़ा आतताई हो,मानवता का नृशंस हत्यारा हो,मानव देह में साक्षात राक्षस ही क्यों न
Read Moreकमाल की आज़ादी है हमारी! अंग्रेज़ों को भगाने के बाद हमने गुलामी के इतने नए दरवाज़े खोल लिए कि अब
Read Moreकभी मौका मिले तो चुगली करके देखिए कितना सकून मिलता है। हृदय तरोताजा हो जाता है जैसे-अभी अनार का जूस
Read Moreअगर आप लेखक हैं और आपको पड़ोसी तक नहीं जानता है कि आप लेखक हैं तो बहुत दुख की बात
Read Moreहमारे एक मित्र कार का ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने गए, सामने लंबी कतार देख घबरा कर लौट आए।बोले, अरे भाई बहुत
Read Moreसर्वत्र व्याप्त मोबाईल और उसका रोना है। यह एक ऐसा है यंत्र, जिसने कर दिया इंसान को मुग्धमंत्र? ठेठ हिंदी
Read Moreआनलाइन मिलने वाली साड़ी की तस्वीर देखकर हरिमोहन की पत्नी का हृदय गदगद हो गया। मन मयूर हो उठा। कितनी
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