हास्य व्यंग्य

नववर्ष पर आप भी खुश हो लीजिए

आइए!हम भी नववर्ष की खुशियों में डूब जायें अपनी परंपरा अपने संस्कार को ठेंगा दिखाएं और बड़ी बेशर्मी से नववर्ष का हुड़दंग मचाएं अपने नववर्ष का तो हमें भान भी नहीं होता अंग्रेज़ी नववर्ष पर खूब नाचें, गाएं,इठलाएं। अपनी तो कोई गरिमा या स्वाभिमान नहीं है गैरों ने जो लकीर खींच दी बस वो ही […]

हास्य व्यंग्य

व्यंग्य – चुगली रस

वर्तमान युग की भागम भाग और संघर्षों से भरी ज़िन्दगी में जहां लोगों के पास अपनों की तो छोड़िए,अपने लिए ही समय नहीं है।फुरसत के चंद लम्हें क्या होते हैं,इसको परिभाषित करना आज शायद ही किसी को आता हो।आज हर कोई दूसरे से आगे बढ़ना चाहता है, कम समय में अधिक पाना चाहता है और […]

हास्य व्यंग्य

खट्टा-मीठा: उनका सुपरहिट भाषण

उनको भाषण देने का शौक है। कोई मौका हो या न हो, पर वे भाषण जरूर देते हैं। वे प्रायः दूसरों के लिखे हुए भाषण पढ़ते हैं, पर कई बार अपने मन से भी बोल देते हैं। वे बोलते पहले हैं और सोचते बाद में हैं। कई बार तो उन्हें यही पता नहीं होता कि […]

हास्य व्यंग्य

दोषी कोई और है, मैं नहीं

इस असार संसार में एक मात्र निर्मल प्राणी यदि कोई है, तो वह मनुष्य ही हो सकता है।इस बात को सिद्ध करने के लिए मनुष्य से अच्छा प्रमाण मिलना सम्भव नहीं है।उदाहरण के लिए यदि आपसे कोई गलत, अनैतिक,अनुचित, असामाजिक, अवैध,या देश,कानून औऱ समाज की दृष्टि में गलत कार्य जाने या अनजाने में हो जाता […]

हास्य व्यंग्य

जन विमुख जनतन्त्र

छब्बीस जनवरी को फिर से मनाया जाएगा गणतन्त्र दिवस। ठीक वैसे ही जैसे पाँच महीने पहले मनाया गया था स्वाधीनता दिवस। ये दोनों हमारे जन्म से बहुत पहले से मनाए जा रहे हैं। शायद आप भी न जन्में हों या नन्हें-मुन्ने रहे हों। सच की दस्तक भी नहीं जन्मा था। यकीनन नहीं जन्मा था। हमने […]

हास्य व्यंग्य

गाली : एक सांस्कृतिक संपत्ति ( व्यंग्य)

गालियाँ हमारी सांस्कृतिक विरासत है। यह ऐसी देव विद्या है जिसे जिज्ञासु, बिना किसी गुरुकुल, विद्यालय-विश्वविद्यालय में गए आत्म-प्रेरणा से सीख लेता है, और लेनेवाला ‘खाता’है। हमारे देश में तो कहावत भी है-‘तोरी गारी, मोरे कान की बाली।’ गाली हमेशा दी जाती है, जिसे बोलचाल की भाषा में “बकना’ कहते हैं। इसे देनेवाला देता है। […]

हास्य व्यंग्य

भारत महोत्सव और भेलपुरी!

उस दिन लखनऊ में एलडीए के गोल मार्केट से पत्नी को खरीददारी कराकर वापस आ रहा था। मैंने लाल रंग का एक काफी पुराना लोअर जिसपर लिखावट वाला प्रिंट था, के साथ एक पुरानी सफेद रंग की टीशर्ट के ऊपर पूरी बाह का स्वेटर पहने हुए था। यह स्वेटर भी तेइस साल पुराना है, जिसे […]

हास्य व्यंग्य

चार लोग क्या कहेंगे!

हमारे समाज में चार की संख्या का विशेष महत्त्व है।चार धाम, चार वेद,चार वर्ण, लोकतंत्र के चार चरण (किन्तु गधा,घोड़ा न समझें) और सबसे अधिक महत्वपूर्ण यदि कोई या कुछ है तो वह है: “चार लोग” !इन चार लोगों ने ही धरती उठा रखी है।इनका बहुत ही अधिक मान – सम्मान है।ये चार ही तो […]

हास्य व्यंग्य

मफलर लूट लिया पैसे वाला शराबी

रात के दस बजे थे। मैं रात्रि भ्रमण पर था। निश्चित था। कोई डर नहीं थी। क्योंकि क्षेत्र तो अपना ही था। ऐसे भी दिल्ली के मुख्य क्षेत्रों में सुरक्षा तो सक्रिय ही रहती है। मुझे यह उम्मीद तक नहीं थी कि मैं एक फ्रेंडली लूट का शिकार हो जाउंगा। पर घटनाएं तो अचानक ही […]

हास्य व्यंग्य

चोर – चोर मौसेरे भाई

जहाँ तक मेरी जानकारी की दूरदृष्टि जाती है,चोरी एक सदाबहार कला के रूप में विख्यात रही है। चोरियों के भी तो अनेक प्रकार हैं। केवल धन की चोरी ही चोरी नहीं होती। और भी चोरियों के विविध रूप हैं।धन की चोरी से पहले भी अनेक प्रकार की चोरियाँ होना एक साधारण – सी बात मानी […]