हास्य-व्यंग्य : विदेश का पहनावा
विदेश में वह पढ़ी लिखी है। विदेशी हाव-भाव घुस गया है। होनहार लड़की है। विदेश में पली बढ़ी है और
Read Moreविदेश में वह पढ़ी लिखी है। विदेशी हाव-भाव घुस गया है। होनहार लड़की है। विदेश में पली बढ़ी है और
Read Moreमनुष्य बड़ा बुद्धिमान प्राणी है। इतना बुद्धिमान कि उसने अपने जीवन को आरामदायक बनाने के लिए ऐसी-ऐसी चीज़ें बना डालीं,
Read Moreहमारी मनुष्य जाति की प्रायः तीन अवस्थाएँ प्रचलन में हैं :1.बैठना 2.लेटना और 3.खड़े रहना। एक और चौथी अवस्था भी
Read Moreमैं बचपन से ही राष्ट्रसेवा करना चाहता था। जब दूसरे बच्चे डॉक्टर, इंजीनियर और वैज्ञानिक बनने का सपना देखते थे,
Read Moreबिल्लो रानी को एक मजबूत प्रेमी की आश्यकता महसूस हुई। वह उसी को अपना प्रेम समर्पण करेगी जो जान देने
Read Moreपश्चिम बंगाल की राजनीति इन दिनों किसी विचारधारा का अखाड़ा कम और “राजनीतिक रियलिटी शो” ज्यादा लगने लगी है। फर्क
Read Moreआजकल की प्रेमिकायें प्रेमी को हड़काती हैं। प्रेमी के अंदर वीभत्स रस की उत्पत्ति होने लगती है। बहुत भयंकर डर
Read Moreनेताजी चुनाव जीत गये। समर्थकों ने माला पहनाया और नेताजी को देशी घी का लड्डू खिलाया। नेताजी गदगद हो गये।
Read Moreबेचारे चुनाव हार गये। बड़ी उम्मीद थी। कर्जा लेकर चुनाव लड़े थे। पूरा दांव लगा बैठे थे। साम, दाम, दंड
Read Moreआज सुबह-सुबह मित्र रमराज ने मुझे फोन करके कहा- प्रभु! आप बेवकूफ हैं। मैंने हँसते हुए पूछा -यह बात तुझे
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