Author: *डॉ. भगवत स्वरूप 'शुभम'

गीतिका/ग़ज़ल

दोहा गीतिका – कुहू- कुहू कोकिल करे

कुहू -कुहू कोकिल करे,फागुन मास धमाल।डफ-ढोलक बजने लगे,उड़ने लगा गुलाल।। बरसाने की राधिका, नंदगाँव के श्याम,ब्रजबालाएँ साथ में, नृत्यलीन ब्रज

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गीत/नवगीत

गीत – बेकस अदाओं की तेरी दीवानगी

बेकस अदाओं की तेरीदीवानगी ने मार डाला। ओट खिड़की की बचाकरनज़र अपनी देखतीआँखें चुराकर विकल हिरनीमधुर तेरे बोल दोमनुहार बाला।

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बाल कविता

बाल कविता – कोयल कुहू- कुहू कर बोली

कोयल कुहू- कुहू कर बोली।उठो बालको आई होली।। फूल खिले हैं क्यारी -क्यारी।रंग-बिरंगी है तैयारी।। गेंदा और गुलाब महकते।जिन पर

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