बुनकर बया सीख सिखलाती
बुनकर बया सीख सिखलाती।स्वच्छ रखें घर पाठ पढ़ाती।। तिनका – तिनका जोड़ बनाए।लिए स्वच्छता नीड़ सजाए।।यही सत्य सबको बतलाती।बुनकर बया
Read Moreबुनकर बया सीख सिखलाती।स्वच्छ रखें घर पाठ पढ़ाती।। तिनका – तिनका जोड़ बनाए।लिए स्वच्छता नीड़ सजाए।।यही सत्य सबको बतलाती।बुनकर बया
Read Moreविचारणीय प्रश्न यह है कि उल्लू सदैव टेढ़ा ही क्यों होता है,जिसे सीधा करने की आवश्यकता पड़ जाती है ?
Read Moreछिद्र ढूँढ़ता ही रहा, सबके सदा समाज।ग्रीवा में निज झाँकने, में लगती है लाज।। औरों पर ही थोपना, आता गलती
Read Moreबीते हुए दिनों की यादेंमाटी के चूल्हे की बात। भुला नहीं पाए हम अब भीगर्म -गर्म रोटी का स्वादकढ़ी खरी
Read Moreइस देश में कोई कितना ही बड़ा आतताई हो,मानवता का नृशंस हत्यारा हो,मानव देह में साक्षात राक्षस ही क्यों न
Read Moreपों – पों पीं – पीं करती लारी।ट्रक कारों के वाहन भारी।। नहीं चैन से रहने देते।कान फोड़ते वाहन जेते।।शोर
Read Moreछरर-छरर छरछर-छर बरसेंआसमान से बूँदें। फैला अपनेहाथ हथेलीभर-भर अँजुरी पीतेजेठ मास केप्यासे मानवथे मुरझाए जीतेगिरतीं बूँदेंजब पलकों परनयन सभी हम
Read Moreदेख तरक्की देश की, फन फैलाए व्याल।अवसर देखें छद्म से, बने हुए हैं काल।। कुटिल दृष्टि है गीध की, कॉकरोच
Read Moreनहीं दाल में कालासारी दाल हो गई काली। राम दान केसभी लुटेरेपहने पीत चदरियातिलक लगाए रामचन्द्र काबसते औध नगरियाराम पाँव
Read Moreधूम रसायन से भर डाला।नील गगन काला कर काला।। औंधा है ज्यों बड़ा कटोरा।नहीं समझना ओढ़ा बोरा।।सहज स्वच्छ हो गगन
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