रिश्तों की अहमियत पर गुफ्तगू ज़रूरी है
रिश्तों की डोरमौन में भी बोलती हैदिल की भाषा में एक मुस्कान सेटूटे पल जुड़ जाते हैंनर्म एहसास में समय
Read Moreरिश्तों की डोरमौन में भी बोलती हैदिल की भाषा में एक मुस्कान सेटूटे पल जुड़ जाते हैंनर्म एहसास में समय
Read Moreइतना टूटा हूं किशब्द भी साथ छोड़ देते हैंखामोशी बोलने लगती है रास्ते धुंधले से हैंकदम पहचान खो बैठे हैंपर
Read Moreकाली आँधी मेंदीपक फिर भी जलताहौसला जागे नफरत के स्वरदीवारें ऊँची करतेमन रोता है सूखे पेड़ों परचिड़ियाँ लौट आतींआशा बचती
Read Moreऋतु बदली हैपर जड़ों की नमीवैसी ही है पीले पत्तों मेंजीवन की थकानधीरे उतरी डाली ने फिरनव हरियाली कोगले लगाया
Read Moreनीले सागर मेंचुपचाप बहती हवामन भी भीगा लहरों की धुनपुरानी यादों जैसामधुर कंपन डूबता सूरजअधूरी बातों कासुनहरा रंग भीगी पलकों
Read Moreबादलों के पारचुपचाप चलता मनहवा भी धीमी पहाड़ों की गोदसपनों की सीढ़ियाँचढ़ती साँसें धूप का स्पर्शचट्टानों पर लिखेधैर्य के शब्द
Read Moreसंस्कारों की धूप मेंपलता है मन का वृक्षरीतियाँ देती हैं छाँव घर की देहरी परदीपक सा उजाला हैपरंपरा की बात
Read Moreधूप में तपकरसीखा है जीवनरास्ता अपना काँटों की चुभनमुस्कान सिखातीसहना हरदम गिरकर संभलनाहर हार के बादजीत का स्वाद वक़्त की
Read Moreमौन सा सागरगहराई में छुपेअनकहे सपने कठोर सा रूपभीतर कोमल मनछांव सा स्नेह थामे हर दर्दहोंठों पर मुस्कानअडिग सा वृक्ष
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