कविता

सात अपीलें

प्यारे देशवासियों से करबद्ध गुहार फिर एकबार लगाई,
आ. प्रधानमंत्री मोदी जी की सात अपीलें सामने आई,
समय की मॉंग और सुझबूझ से काम लिया जाए भाई,
वैश्विक खतरे के सकेंत मंडराते दे रहे हैं हमें दिखाई ।

युद्ध की वज़ह से तेजी से बढ़ रहे कच्चे तेलों के दाम,
आगामी घड़ी में वित्तीय संकट से सुरक्षित हो आवाम,
विशेष तैयारी के साथ करने होंगे कुछ महत्वपूर्ण काम,
अर्थव्यवस्था भी न डगमगाएं किया जाएं ऐसा इंतजाम ।

ईधन कमी के अनिश्चित संकट से हताहत पूरा जगत,
डीजल पेट्रोल गैस की करो बुद्धिमानी से अब बचत,
सोना मत खरीदों विदेशी यात्राओं को दो विराम सख्त,
खान-पान करो संतुलित आ गया है संभलने का वक्त ।

जहॉं हो संभव वर्क फ्राम होम के लिए हो आप तैयार,
मेड इन इंडिया स्वदेशी उत्पादों के बने ज्यादा खरीदार,
खाद्य तेल में 10% तक की कटौती भी होगी असरदार,
सचेत हो अंजाने संकट को “आनंद” से कर सकेंगे पार ।

रसायनों का आयात हो कम प्राकृतिक खेती का निर्णय,
सावधानी हटी दुर्घटना घटी क्षण में आ सकता है प्रलय,
लड़ने-झगड़ने छींटाकशी का नहीं हैं ये कीमती समय,
सौ दवा से एक परहेज अच्छा आपसे है स्नेहमय विनय ।

— मोनिका डागा “आनंद”

*मोनिका डागा 'आनंद'

चेन्नई, तमिलनाडु

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