Author: *मोनिका डागा 'आनंद'

कुण्डली/छंद

अक्षय तृतीया (कुंडलिया छंद)

आई शुभ बैशाख में, पावन अक्षय तीज।तिथि अति महत्वपूर्ण ये, कहते आखातीज।।कहते आखातीज, पुण्य कर्मों का मेला।दान-धर्म की तीज, कटें

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कविता

स्वास्थ्य श्रेष्ठ संपदा

पुरानी आदतों के अभ्यस्त,इतनी चिताओं में हो ग्रस्त,अच्छा स्वास्थ्य श्रेष्ठ संपदा,जिंदगी में अपने रहो मस्त । दिनचर्या न हो अस्त-व्यस्त,वरना

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कविता

प्राकृतिक पर्यावरण प्रदूषित

हर तरफ से हो रहा प्राकृतिक पर्यावरण प्रदूषित,असंख्य आपदाएं विपदाएं झेल रहे हैं किसान,कंक्रीटों का बिछ रहा जाल प्रदूषित वातावरण,मौसम

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