गीतिका/ग़ज़ल केशव शरण 15/05/202615/05/2026 0 Comments ग़ज़ल कुछ नया देखने इधर आयापर तमाशा वही नज़र आया कुछ नहीं है सिवाय वीरानासोचता हूँ कि मैं किधर आया भेंट Read More
गीतिका/ग़ज़ल *डॉ. डी एम मिश्र 14/05/202614/05/2026 0 Comments ग़ज़ल बोलने से लोग घबराने लगेसोचकर नुक़सान डर जाने लगे पीठ पीछे खूब दम भरते रहेसामने आने से कतराने लगे कल Read More
गीतिका/ग़ज़ल *जयकृष्ण चाँडक 'जय' 14/05/202614/05/2026 0 Comments ग़ज़ल बात दिल की कभी कही ही नहीं,जंग खुद से कभी लड़ी ही नहीं। आँख रक्खी है खोलकर तो क्या,रूह तो Read More
गीतिका/ग़ज़ल *प्रीती श्रीवास्तव 14/05/202614/05/2026 0 Comments ग़ज़ल रहते हैं मुहब्बत से तमाशा नहीं करते।खुश रहते हैं हर हाल में दिखावा नहीं करते।। तक़दीर बदल लेते हैं कर्मों Read More
गीतिका/ग़ज़ल नमिता राकेश 13/05/202613/05/2026 0 Comments ग़ज़ल सामान पहले कीजिए मुस्कान के लिएथोड़ी मिठाई पेश है प्रधान के लिए चेहरे पे इक हसीन सी मुस्कान के लिएबज़्म-ए-तरब Read More
गीतिका/ग़ज़ल डॉ. पूनम माटिया 13/05/202613/05/2026 0 Comments ग़ज़ल वक़्त चलता ही रहा चाल, हमारा क्या हैकिसने पूछा है कभी हाल हमारा क्या है कैसे गुज़री है इधर और Read More
गीतिका/ग़ज़ल प्रियंका अग्निहोत्री 'गीत' 13/05/202613/05/2026 0 Comments सफ़र मन खोजता है बसर कहाँरास आये हमको घर कहाँ पा ली ज़माने की ख़ुशीउनके बिना है गुज़र कहाँ नेकी सभी Read More
गीतिका/ग़ज़ल *डॉ. भगवत स्वरूप 'शुभम' 13/05/202613/05/2026 0 Comments गीतिका- माँ श्रम से नहीं उबरती माँ।हर पल उद्यम करती माँ।। निज संतति की ईश्वर जो,नहीं किसी से डरती माँ। पुत्री-पुत्र प्रसविनी Read More
गीतिका/ग़ज़ल *डॉ. अ. कीर्तिवर्द्धन 13/05/202613/05/2026 0 Comments अति प्रिय नहीं मानते बोद्ध धर्म हम, पर बुद्ध हमें अति प्रिय हैं,जैन धर्म के नहीं अनुयायी, उनका दर्शन भी प्रिय है।रविदास Read More
गीतिका/ग़ज़ल *हमीद कानपुरी 13/05/202613/05/2026 0 Comments ग़ज़ल जिस मोती में आब नहींतो फिर वो नायाब नहीं जीवन उसका क्या जीवनजिस के कोई ख्वाब नहीं उसको गुलशन कहना Read More