गीतिका/ग़ज़ल *अशोक दर्द 05/06/202605/06/2026 0 Comments गजल जहरीली हवा घुटती जिंदगानी दोस्तों ।यही है नये दौर की कहानी दोस्तों ।। पर्वतों पे देखो कितने बांध बन गये Read More
गीतिका/ग़ज़ल *हमीद कानपुरी 05/06/202605/06/2026 0 Comments ग़ज़ल मन का यारो चहा न हो पायाआदमी देवता न हो पाया उसकी फितरत में बे वफाई थीउम्र भर बा वफ़ा Read More
गीतिका/ग़ज़ल *प्रीती श्रीवास्तव 05/06/202605/06/2026 0 Comments ग़ज़ल मुहब्बत को अपनी मनाना पड़ेगा।उन्हें पास अपने बुलाना पड़ेगा।। ख़फ़ा है वो जाने खता क्या हमारी।खता क्या हमारी बताना पड़ेगा।। Read More
गीतिका/ग़ज़ल *मदन मोहन सक्सेना 05/06/202605/06/2026 0 Comments ग़ज़ल सपने सजाने लगा आजकल हूँमिलने मिलाने लगा आजकल हूँहाबी हुयी शख्शियत मुझ पर उनकीखुद को भुलाने लगा आजकल हूँ इधर Read More
गीतिका/ग़ज़ल डॉ. मुश्ताक़ अहमद शाह 05/06/202605/06/2026 0 Comments ग़ज़ल जुदाई का मंज़र, वो रुलाती हुई रात नहीं भूले,इश्क़ में हारा हुआ दिल,अभी कल की बात है। उरूज पर हमारी Read More
गीतिका/ग़ज़ल डॉ. मुश्ताक़ अहमद शाह 05/06/202605/06/2026 0 Comments ग़ज़ल जिसकी ख़ुशबू से महकती है मरी ज़ात अब भी,मेरी पोरों में उसी लम्स की थकन आज भी है। देख कर Read More
गीतिका/ग़ज़ल हेमंत सिंह कुशवाह 03/06/202628/05/2026 0 Comments ग़ज़ल ज़माने से थककर जो लौटे हैं घर को,उन्हें क्या ख़बर, घर भी बदलते होंगे। जो घरों से ही थककर निकलते Read More
गीतिका/ग़ज़ल डॉ. मुश्ताक़ अहमद शाह 03/06/202603/06/2026 0 Comments ग़ज़ल जिनको समझा रहबर वही रहज़न निकले,राह-ए-मंज़िल में जो काँटे ही बिछा देते हैं। देखिए दहर की बे-मेहर ओ जफ़ा की Read More
गीतिका/ग़ज़ल डॉ. मुश्ताक़ अहमद शाह 03/06/202603/06/2026 0 Comments ग़ज़ल राज़-ए-दिल अपना जो ग़ैरों को बता देते हैंवो तो हंसते हैं, मगर अपनों को रुला देते हैं हम समझे थे Read More
गीतिका/ग़ज़ल नमिता राकेश 01/06/202630/05/2026 0 Comments ग़ज़ल सामान पहले कीजिए मुस्कान के लिएथोड़ी मिठाई पेश है प्रधान के लिए चेहरे पे इक हसीन सी मुस्कान के लिएबज़्म-ए-तरब Read More