ग़ज़ल
ज़माने से थककर जो लौटे हैं घर को,उन्हें क्या ख़बर, घर भी बदलते होंगे। जो घरों से ही थककर निकलते
Read Moreसत्या बहू भाग भाग कर सारी तैयारी कर रही थी। तभी किसी ने पीछे से कंधे पर हाथ रखा –
Read Moreअगर सच्चाई से भागते रहेंगे तो हालात कभी नहीं बदलेंगे। भारत में करोड़ों विकलांग लोग रहते हैं। यह कोई छोटा
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