चरागों के हम दीप जलाते रहेंगे
चरागों के हम दीप जलाते रहेंगे,टूटी हुई कसमें भी निभाते रहेंगे,ये ज़िंदगी मौत का अनवरत सा खेल,चिताओं की राख में
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Read Moreयूं तो हमारे स्वतन्त्रता आन्दोलन मेंअनेक सैनानियों ने किया बड़ा कामपर वंदे मातरम् के एक नारे नेअंग्रेज प्रशासन में मचा
Read Moreहे धन्य श्रमिक! तुम स्वेद – स्नेह दे,जीवन – दीप जलाते हो।धरती माँ के सच्चे सपूत,श्रम का शुभ चक्र चलाते
Read Moreआर्य समाज की विचार क्रांति का फैला नया उजाला ।सत्यार्थ प्रकाश है ग्रंथ ऐसा, बुद्धि बदलने वाला।। आडंबरों का हुआ
Read Moreकमल ही कमल खिल रहा देश में, मोदीराज की आंधी आई,जिसने किया कल्याण देश का,घर घर मन की बात पहुंचाईअब
Read Moreबौराए हैं आम बाग मेंमहक रही है अमराई। ऋतु वसंत का हुआ आगमनकुहुक-कुहुक कोकिल कूकेकानों में अमृत घुलता हैनहीं एक
Read Moreअपना सामां बांध बटोही सांझ हुई चल घर चलते हैं।कल आया तो कल देखेंगे सांझ हुई चल घर चलते हैं।।
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