मन पर लाख सवाल
तीस दिनों के दर्द में, बने न जिसकी ढाल।उससे चाहो उम्र भर, सेवा फिर हर हाल।। जननी बनते ही नहीं,
Read Moreतीस दिनों के दर्द में, बने न जिसकी ढाल।उससे चाहो उम्र भर, सेवा फिर हर हाल।। जननी बनते ही नहीं,
Read Moreजिनके सिर है पाप की, ब्याज समेत उधार।बनकर साहूकार वो, करने चले सुधार।। खुद दलदल में धँस चुके, दें जग
Read Moreनस्ल देखकर ही रखें, ताल्लुक़ अब हर हाल।दिमाग शिक्षा ने दिए, जमीर हुए हलाल।। चेहरों पर तहज़ीब है, भीतर गहरा
Read Moreमुँह बाए प्यासी है धरतीकरे मेघ की आस। तपता सूरज जेठ मास मेंसूख रहे द्रुम-बेलत्राहि-त्राहि मच रही धरा परजीव रहे
Read Moreनोट कहाँ कब बोलते, करते सिक्के शोर।केवल औछे लोग ही, दिखलाते हैं जोर।। धन-दौलत के मद फँसे, भूले सब व्यवहार,अहंकारों
Read Moreपीट रहे जो छाती हरदम, इनकी कथा सुनाता हूं,मोदी का हौआ है कैसा….आज तुम्हे बतलाता हूं। पवन खेड़ा कुत्ते सा
Read Moreकाश दिखावे छोड़कर, समझें माँ के घाव,जीते जी ही दे सकें, उसको अपना ठाँव॥ मातृत्व दिवस पर करें, माँ का
Read Moreमेरे अक्षर लेखनी, दिल के सब जज़्बात।तुमसे मेरे बाद भी, रोज करेंगे बात॥ स्याही में भीगें हुए, मन के सब
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