गीतिका/ग़ज़ल *मदन मोहन सक्सेना 20/07/202620/07/2026 0 Comments गजल खुद को भूल जाने की ग़लती सबने कर दी हैहर इन्सान की दुनिया में इक जैसी कहानी है दौलत के Read More
मुक्तक/दोहा *मदन मोहन सक्सेना 20/07/202620/07/2026 0 Comments मुक्तक अर्पण आज तुमको हैं जीवन भर की सब खुशियाँपल भर भी न तुम हमसे जीवन में जुदा होनारहना तुम सदा Read More
गीतिका/ग़ज़ल *मदन मोहन सक्सेना 16/06/202616/06/2026 ग़ज़ल सजाए मौत का तोहफा हमने पा लिया जिनसेवो अब हमसे कफ़न उधार दिलाने की बात करते हैं हुए दुनिया से Read More
गीतिका/ग़ज़ल *मदन मोहन सक्सेना 12/06/202612/06/2026 ग़ज़ल हम आज तक खामोश हैं और वो भी कुछ कहते नहींदर्द के नग्मों में हक़ बस मेरा नजर आता है Read More
गीतिका/ग़ज़ल *मदन मोहन सक्सेना 05/06/202605/06/2026 ग़ज़ल सपने सजाने लगा आजकल हूँमिलने मिलाने लगा आजकल हूँहाबी हुयी शख्शियत मुझ पर उनकीखुद को भुलाने लगा आजकल हूँ इधर Read More
गीतिका/ग़ज़ल *मदन मोहन सक्सेना 11/05/202611/05/2026 ग़ज़ल आँख से अब नहीं दिख रहा है जहाँ, आज क्या हो रहा है मेरे संग यहाँमाँ का रोना नहीं अब Read More
गीतिका/ग़ज़ल *मदन मोहन सक्सेना 11/05/202611/05/2026 मातृदिवस पर शुभकामनाएं बदलते बक्त में मुझको दिखे बदले हुए चेहरेमाँ का एक सा चेहरा , मेरे मन में पसर जाता नहीं देखा Read More
गीतिका/ग़ज़ल *मदन मोहन सक्सेना 25/04/202625/04/2026 ग़ज़ल कंक्रीटों के जंगल में नहीं लगता है मन अपनाजमीं भी हो गगन भी हो ऐसा घर बनातें हैं ना ही Read More
गीतिका/ग़ज़ल *मदन मोहन सक्सेना 16/04/202616/04/2026 नज़राना अपना दिल कभी था जो, हुआ है आज बेगानाआकर के यूँ चुपके से, मेरे दिल में जगह पानादुनियां में तो Read More
बोधकथा *मदन मोहन सक्सेना 15/04/202615/04/2026 बोधकथा कन्फ्यूशियस ने एक बार चेतावनी दी थी कि बुढ़ापे में अपनी जवान औलाद के बहुत ज़्यादा करीब रहना, हैरानी की Read More