ग़ज़ल
सपने सजाने लगा आजकल हूँमिलने मिलाने लगा आजकल हूँहाबी हुयी शख्शियत मुझ पर उनकीखुद को भुलाने लगा आजकल हूँ इधर
Read Moreप्यार के गीत जब गुनगुनाओगे तुम ,उस पल खार से प्यार पाओगे तुमप्यार दौलत से मिलता नहीं है कभी ,प्यार
Read Moreबदलते बक्त में मुझको दिखे बदले हुए चेहरेमाँ का एक सा चेहरा , मेरे मन में पसर जाता नहीं देखा
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