पतंग !
पतंग !यानि, ज़िन्दगी कापूरा फ़लसफ़ा.हवा के परों परपूरा जीवन.ज़िन्दगी का हर रंगरंगीन उम्मीदें ,रंगीन उतार-चढ़ाव,जीवन का संतुलन,हवा के ख़िलाफ़संघर्ष और
Read Moreउनको तो हमसे प्यार है ये कल की बात हैकायम ये ऐतबार था ये कल की बात है जब से
Read Moreअपना भारत जो दुनिया का सुंदर चमनसारी दुनिया से प्यारा और न्यारा बतनये मंदिर भी अपना और मस्जिद भी अपनीइनसे
Read Moreआम के आम और गुठलियों के भी दाम मिलते हैं,कभी अंगूर खट्टे हैं,कभी खरबूजे, खरबूजे को देख कर रंग बदलते
Read Moreसपनीली दुनियाँ मेँ यारों सपने खूब मचलते देखेरंग बदलती दूनियाँ देखी ,खुद को रंग बदलते देखा सुबिधाभोगी को तो मैनें
Read More