गीतिका/ग़ज़ल *हमीद कानपुरी 11/07/202611/07/2026 0 Comments ग़ज़ल एक सरकार नव बनाते हैंरोज़ दरबार वो सजाते हैं राज वैभव बड़ा दिखाते हैंरोज़ दरबार में बुलाते हैं राम को Read More
गीतिका/ग़ज़ल *हमीद कानपुरी 11/07/202611/07/2026 0 Comments ग़ज़ल कुछ और कर सका नहीं कायर खड़े खड़ेदेता रहा वो ग़ालियां दमभर खड़े खड़े बादल फटा फटाक यूँ सर पर Read More
गीतिका/ग़ज़ल *हमीद कानपुरी 06/07/202606/07/2026 0 Comments ग़ज़ल उस के चेहरे पे यूँ ज़िया ही नहींचाहता था उसे मिला ही नहीं सचको सुनके ज़रा न रुक पायाअपने आपे Read More
गीतिका/ग़ज़ल *हमीद कानपुरी 22/06/202622/06/2026 ग़ज़ल दर्द सहते रहे मुस्कुराते रहेकर्ज़ हर ज़िन्दगी का चुकाते रहे फ़स्ल हम उल्फ़तों की उगाते रहेबस्तियां प्यार की हम बसाते Read More
गीतिका/ग़ज़ल *हमीद कानपुरी 15/06/202615/06/2026 ग़ज़ल खूब दिखते भले भले बाहरहै कुदूरत भरी मगर भीतर हौसला है नहीं अगर अन्दरक्या लड़ेंगे हमीद से कायर खूबसूरत पहाड़ Read More
गीतिका/ग़ज़ल *हमीद कानपुरी 12/06/202612/06/2026 ग़ज़ल हाल न पूछो अज़मत काअपने आला हज़रत का पूरी दुनिया देख रहीनाटक सब है दौलत का सत्ताधारी खेल रहेखेल तमाशा ताक़त का झेल न पाता जीवन येजन कीज़्यादा गफलतका माँ के क़दमों के नीचेरस्ता सीधा जन्नत का — हमीद कानपुरी Read More
गीतिका/ग़ज़ल *हमीद कानपुरी 11/06/202611/06/2026 ग़ज़ल शेर हैं तो शेर जैसा कीजिएकायरों से यूँ न दहला कीजिए प्यार को ऐसे न रुसवा कीजिएभूल कर भी दिल Read More
गीतिका/ग़ज़ल *हमीद कानपुरी 05/06/202605/06/2026 ग़ज़ल मन का यारो चहा न हो पायाआदमी देवता न हो पाया उसकी फितरत में बे वफाई थीउम्र भर बा वफ़ा Read More
गीतिका/ग़ज़ल *हमीद कानपुरी 21/05/202621/05/2026 ग़ज़ल सावधानी रख ज़राहै अगर खतरा बड़ा हो नहीं सकता बुराजो करे सब का भला खूबसूरत गर शमाखूब ले उस का Read More
गीतिका/ग़ज़ल *हमीद कानपुरी 17/05/202617/05/2026 ग़ज़ल उल्फ़तों को उछाल दे या रबनफ़रतों को ज़वाल दे या रब तम से मुझको निकाल दे या रबरौशनी की मशाल दे या रब जाह दे दे जलाल दे या रबअपने रस्ते पे डाल दे Read More