गीतिका/ग़ज़ल *हमीद कानपुरी 11/04/202611/04/2026 0 Comments ग़ज़ल लोग कुछ पेड़ उगाते हुए मर जाते हैंलोग कुछ पेड़ गिराते हुए मर जाते हैं लोग कुछ नाम कमाते से Read More
गीतिका/ग़ज़ल *हमीद कानपुरी 08/04/202608/04/2026 0 Comments ग़ज़ल दौलत से उसे प्यार नहीं है तो नहीं हैंहर शख़्स गुनहगार नहीं है तो नहीं हैं आरोप लगाकर हैं बड़े Read More
गीतिका/ग़ज़ल *हमीद कानपुरी 05/04/202606/04/2026 0 Comments ग़ज़ल बहुत सच्चा ज़रा झूठा नहीं हैकभी यूँ बे सुकूं रहता नहीं है भला तारीफ़ उसकी क्यूँ करें सबकहीं कुछ भी Read More
गीतिका/ग़ज़ल *हमीद कानपुरी 19/03/202619/03/2026 ग़ज़ल काम कोई अमर करे कोईबात जब भी असर करे कोई फिर तो शुभ सूचना नहीं है येजाग कर गर सहर Read More
गीतिका/ग़ज़ल *हमीद कानपुरी 16/03/202616/03/2026 ग़ज़ल न बाक़ी फिर उसकी कहानी रहेगी।न दरिया में जिस दिन र वानी रहेगी। हुक़ूमत बदल दो सभी काम होंगे,नहीं फिर Read More
गीतिका/ग़ज़ल *हमीद कानपुरी 05/03/202605/03/2026 ग़ज़ल जहां में कारनामा कर दिखाना भी ज़रूरी हैवज़न परिवार बच्चों का उठाना भी ज़रूरी है हिफ़ाज़त का सलीका हर बताना Read More
गीतिका/ग़ज़ल *हमीद कानपुरी 26/02/202626/02/2026 ग़ज़ल चाहता है बशर अगर बरकत।मांँग ले रब से बारहा रहमत। हर दुआ अर्श तक पँहुचती है,हर सदा खूब सुन रही Read More
गीतिका/ग़ज़ल *हमीद कानपुरी 15/01/202615/01/2026 ग़ज़ल जा के मग़रूर से मिला न करोएक रत्ती कभी दबा न करो बात अपनी सदा कहो खुलकरशर्म इसमें कहीं ज़रा Read More
गीतिका/ग़ज़ल *हमीद कानपुरी 09/01/202609/01/2026 ग़ज़ल अब की भटकनकल की उलझन दर- दर भटकेकर के अनबन सब से अच्छास्थिर सा है मन सेहत चाहेतोड़े सहजन जी Read More
गीतिका/ग़ज़ल *हमीद कानपुरी 05/01/202605/01/2026 ग़ज़ल बे सबब ही कहीं भिड़ा न करोबे सबब चीज़ को चुना न करो रास्ता इस तरह जुदा न करोप्यार Read More