गीतिका/ग़ज़ल *हमीद कानपुरी 29/07/202629/07/2026 0 Comments ग़ज़ल अराजकता सियासत हो गयी क्याबदज़बां अब रियासत हो गयी क्या नयी कोई इबारत हो गयी क्याखड़ी उम्दा इमारत हो गयी Read More
गीतिका/ग़ज़ल *हमीद कानपुरी 28/07/202628/07/2026 0 Comments ग़ज़ल नयी कोई इबारत हो गयी क्याखड़ी उम्दा इमारत हो गयी क्या नहीं आता हैअक्सर इस तरफ अबउसे कोई शिकायत हो Read More
गीतिका/ग़ज़ल *हमीद कानपुरी 28/07/202628/07/2026 0 Comments ग़ज़ल फ़र्ज़ हर पल निभा रहा हूँ मैंहर गिरे को उठा रहा हूँ मैं इक ग़ज़ल यार गा रहा हूँ मैंआप बीती सुना रहा हूँ मैं बात इसके सिवा नहीं कहनाउससे कहना बुला रहा हूँ मैं जग की परवाह अब Read More
गीतिका/ग़ज़ल *हमीद कानपुरी 27/07/202627/07/2026 0 Comments ग़ज़ल दुश्मनों को यूँ हराया जाएगाडर दिलों से अब हटाया जाएगा दबदबा अपना दिखाया जाएगाप्यार का गोला चलाया जाएगा गर पुराना Read More
गीतिका/ग़ज़ल *हमीद कानपुरी 18/07/202618/07/2026 ग़ज़ल रफ्ता रफ्ता महीन होना थाआदमी को मशीन होना था उसको थोड़ा ज़हीन होना थाउसको मुझपे यक़ीन होना था वक्त के Read More
गीतिका/ग़ज़ल *हमीद कानपुरी 11/07/202611/07/2026 ग़ज़ल एक सरकार नव बनाते हैंरोज़ दरबार वो सजाते हैं राज वैभव बड़ा दिखाते हैंरोज़ दरबार में बुलाते हैं राम को Read More
गीतिका/ग़ज़ल *हमीद कानपुरी 11/07/202611/07/2026 ग़ज़ल कुछ और कर सका नहीं कायर खड़े खड़ेदेता रहा वो ग़ालियां दमभर खड़े खड़े बादल फटा फटाक यूँ सर पर Read More
गीतिका/ग़ज़ल *हमीद कानपुरी 06/07/202606/07/2026 ग़ज़ल उस के चेहरे पे यूँ ज़िया ही नहींचाहता था उसे मिला ही नहीं सचको सुनके ज़रा न रुक पायाअपने आपे Read More
गीतिका/ग़ज़ल *हमीद कानपुरी 22/06/202622/06/2026 ग़ज़ल दर्द सहते रहे मुस्कुराते रहेकर्ज़ हर ज़िन्दगी का चुकाते रहे फ़स्ल हम उल्फ़तों की उगाते रहेबस्तियां प्यार की हम बसाते Read More
गीतिका/ग़ज़ल *हमीद कानपुरी 15/06/202615/06/2026 ग़ज़ल खूब दिखते भले भले बाहरहै कुदूरत भरी मगर भीतर हौसला है नहीं अगर अन्दरक्या लड़ेंगे हमीद से कायर खूबसूरत पहाड़ Read More