गीतिका/ग़ज़ल *हमीद कानपुरी 07/12/202507/12/2025 0 Comments ग़ज़ल अगर देश को नफरतों से बचानातो फिर खोल दोउल्फतों का ख़जाना लुटा जो चुके मुल्क पर कुल घरानावही गा रहे Read More
गीतिका/ग़ज़ल *हमीद कानपुरी 10/11/202510/11/2025 ग़ज़ल वो कमसिन दौर सेही बदचलन है।नहीं इस रोग का कोई शमन है। जगाते शाह को भी चोर को भी,सियासत का Read More
गीतिका/ग़ज़ल *हमीद कानपुरी 07/11/202507/11/2025 ग़ज़ल खूब थपेड़े सहते हैंजो धारा में बहते हैं शौक़ीन तबीयत वालेउम्दा उम्दा गहते हैं होते हैं जो यार लचीलेदेर तलक Read More
गीतिका/ग़ज़ल *हमीद कानपुरी 04/11/202504/11/2025 ग़ज़ल चैन की इक नहीं घड़ी देखीजब सनम आँख में नमी देखी बढ़ गयी रोशनी की क़ीमत औरजब से आँखों Read More
मुक्तक/दोहा *हमीद कानपुरी 22/10/202522/10/2025 मुक्तक जिससे खुश हो जाय ज़मानाजग को सुन्दर और बनानामार भगाना तम को घर सेहर आँगन में दीप जलाना— हमीद कानपुरी Read More
गीतिका/ग़ज़ल *हमीद कानपुरी 19/10/202519/10/2025 ग़ज़ल सोने चाँदी की चाल पूछ रहेकितना आया उछाल पूछ रहे किस लिये है उबाल पूछ रहेलोग अब भी सवाल पूछ Read More
गीतिका/ग़ज़ल *हमीद कानपुरी 19/10/202519/10/2025 ग़ज़ल है ज़रूरी बहुत ज़िन्दगी के लिएआदमी यूँ जिए है खुशी के लिए साज श्रंगार बिन रह सकेगी नहींजो बनी ही Read More
गीतिका/ग़ज़ल *हमीद कानपुरी 17/10/202517/10/2025 ग़ज़ल बाँटता संत हर घड़ी उल्फ़तबाँट सकता नहीं कभी नफ़रत जान देकर करें हिफ़ाज़त फिरदेश की दिल में है अगर अ़ज़मत Read More
गीतिका/ग़ज़ल *हमीद कानपुरी 15/10/202515/10/2025 ग़ज़ल नहीं कह रहे हम कहानी पुरानीनये ढंग की है हमारी कहानी बुढ़ापा बदन पर भले आ गया होविचारों में Read More
गीतिका/ग़ज़ल *हमीद कानपुरी 22/09/202522/09/2025 ग़ज़ल अलीगढ़ में जब से इदारा बना हैजहां भर में सब का सहारा बना है सावाली है अच्छा सही प्रश्न पूछाजवाबी Read More