हाल न पूछो अज़मत काअपने आला हज़रत का पूरी दुनिया देख रहीनाटक सब है दौलत का सत्ताधारी खेल रहेखेल तमाशा ताक़त का झेल न पाता जीवन येजन कीज़्यादा गफलतका माँ के क़दमों के नीचेरस्ता सीधा जन्नत का — हमीद कानपुरी
जंग में रुख नहीं भूलकर मोड़नाहौसला एक पल भी नहीं छोड़ना आमजन कोभला क्यूँ लड़ाती फिरेकाम सरकार का देश को जोड़ना राज़को राज़रखनाकिसी काभी होयार भाँडा किसी का