गीतिका/ग़ज़ल *हमीद कानपुरी 21/04/202621/04/2026 ग़ज़ल जनता की जो करते खिदमतउनको मिलती रब की रहमत उनकोमिलसकती क्याउल्फ़तजिनके दिल में बसती नफरत रेपिस्टों से मत हों सहमतभेजें उन पर भर भर लानत अंदर तक रिपुदल घुस आयेअच्छी है क्या इतनी Read More
गीतिका/ग़ज़ल *हमीद कानपुरी 18/04/202618/04/2026 ग़ज़ल जग हँसाई का मामला न करेहौसला गर नहीं लड़ा न करे चाहे कुछभी मुझे दिया न करेसाथ चल के मगर Read More
गीतिका/ग़ज़ल *हमीद कानपुरी 11/04/202611/04/2026 ग़ज़ल लोग कुछ पेड़ उगाते हुए मर जाते हैंलोग कुछ पेड़ गिराते हुए मर जाते हैं लोग कुछ नाम कमाते से Read More
गीतिका/ग़ज़ल *हमीद कानपुरी 08/04/202608/04/2026 ग़ज़ल दौलत से उसे प्यार नहीं है तो नहीं हैंहर शख़्स गुनहगार नहीं है तो नहीं हैं आरोप लगाकर हैं बड़े Read More
गीतिका/ग़ज़ल *हमीद कानपुरी 05/04/202606/04/2026 ग़ज़ल बहुत सच्चा ज़रा झूठा नहीं हैकभी यूँ बे सुकूं रहता नहीं है भला तारीफ़ उसकी क्यूँ करें सबकहीं कुछ भी Read More
गीतिका/ग़ज़ल *हमीद कानपुरी 19/03/202619/03/2026 ग़ज़ल काम कोई अमर करे कोईबात जब भी असर करे कोई फिर तो शुभ सूचना नहीं है येजाग कर गर सहर Read More
गीतिका/ग़ज़ल *हमीद कानपुरी 16/03/202616/03/2026 ग़ज़ल न बाक़ी फिर उसकी कहानी रहेगी।न दरिया में जिस दिन र वानी रहेगी। हुक़ूमत बदल दो सभी काम होंगे,नहीं फिर Read More
गीतिका/ग़ज़ल *हमीद कानपुरी 05/03/202605/03/2026 ग़ज़ल जहां में कारनामा कर दिखाना भी ज़रूरी हैवज़न परिवार बच्चों का उठाना भी ज़रूरी है हिफ़ाज़त का सलीका हर बताना Read More
गीतिका/ग़ज़ल *हमीद कानपुरी 26/02/202626/02/2026 ग़ज़ल चाहता है बशर अगर बरकत।मांँग ले रब से बारहा रहमत। हर दुआ अर्श तक पँहुचती है,हर सदा खूब सुन रही Read More
गीतिका/ग़ज़ल *हमीद कानपुरी 15/01/202615/01/2026 ग़ज़ल जा के मग़रूर से मिला न करोएक रत्ती कभी दबा न करो बात अपनी सदा कहो खुलकरशर्म इसमें कहीं ज़रा Read More