ग़ज़ल
जहां में कारनामा कर दिखाना भी ज़रूरी है
वज़न परिवार बच्चों का उठाना भी ज़रूरी है
हिफ़ाज़त का सलीका हर बताना भी ज़रूरी है
जवानों की सदा हिम्मत बढ़ाना भी ज़रूरी है
उतर मैदान में दुश्मन हराना भी ज़रूरी है
जतन कर देश को सुन्दर बनाना भी ज़रूरी है
दिलोंमें गर उतरनाहै तग़ज़्ज़ुलको करोशामिल
ग़ज़लमें ज़िन्दगी कोभी नज़र आना ज़रूरी है
ज़रूरत है तरक़्क़ी के लिए बैलेंस की अज़हद
इबादत भी ज़रूरी है कमाना भी जरूरी है
— हमीद कानपुरी
