मुक्तक/दोहा *हमीद कानपुरी 22/10/202522/10/2025 मुक्तक जिससे खुश हो जाय ज़मानाजग को सुन्दर और बनानामार भगाना तम को घर सेहर आँगन में दीप जलाना— हमीद कानपुरी Read More
गीतिका/ग़ज़ल *हमीद कानपुरी 19/10/202519/10/2025 ग़ज़ल सोने चाँदी की चाल पूछ रहेकितना आया उछाल पूछ रहे किस लिये है उबाल पूछ रहेलोग अब भी सवाल पूछ Read More
गीतिका/ग़ज़ल *हमीद कानपुरी 19/10/202519/10/2025 ग़ज़ल है ज़रूरी बहुत ज़िन्दगी के लिएआदमी यूँ जिए है खुशी के लिए साज श्रंगार बिन रह सकेगी नहींजो बनी ही Read More
गीतिका/ग़ज़ल *हमीद कानपुरी 17/10/202517/10/2025 ग़ज़ल बाँटता संत हर घड़ी उल्फ़तबाँट सकता नहीं कभी नफ़रत जान देकर करें हिफ़ाज़त फिरदेश की दिल में है अगर अ़ज़मत Read More
गीतिका/ग़ज़ल *हमीद कानपुरी 15/10/202515/10/2025 ग़ज़ल नहीं कह रहे हम कहानी पुरानीनये ढंग की है हमारी कहानी बुढ़ापा बदन पर भले आ गया होविचारों में Read More
गीतिका/ग़ज़ल *हमीद कानपुरी 22/09/202522/09/2025 ग़ज़ल अलीगढ़ में जब से इदारा बना हैजहां भर में सब का सहारा बना है सावाली है अच्छा सही प्रश्न पूछाजवाबी Read More
मुक्तक/दोहा *हमीद कानपुरी 17/09/202517/09/2025 हिन्दी दिवस बड़ा एक प्यारा ख़ज़ाना है हिन्दी।हमारे लिए तो ज़माना है हिन्दी।फकत एक दिन प्यार देना नहीं हैलगातार अच्छी बनाना है Read More
गीतिका/ग़ज़ल *हमीद कानपुरी 14/09/202514/09/2025 हिन्दी नया परचम उठाना चाहती है।नये जलवे दिखाना चाहती है। फ़ज़ा अच्छी बनाना चाहती है।सभी को साथ लाना चाहती है। पुराना Read More
गीतिका/ग़ज़ल *हमीद कानपुरी 11/09/202511/09/2025 ग़ज़ल कुछ नहीं वाहियात कहते हैंबे झिझक अपनी बात कहते हैं झूठ को बे नक़ाब हैं करतेसच सभी वाकयात कहते हैं Read More
गीतिका/ग़ज़ल *हमीद कानपुरी 23/08/202523/08/2025 ग़ज़ल अब न होंगी उतार की बातें।सिर्फ़ होंगी उभार की बातें। तिफ्लकी बातकरचुके जीभरअब करो शह सवार की बातें थक गये Read More