ग़ज़ल
सावधानी रख ज़रा
है अगर खतरा बड़ा
हो नहीं सकता बुरा
जो करे सब का भला
खूबसूरत गर शमा
खूब ले उस का मज़ा
सोच सकता है नया
पेट जिसका हो भरा
बाढ़ का खतरा सहे
जो नदी तट पर बसा
— हमीद कानपुरी
सावधानी रख ज़रा
है अगर खतरा बड़ा
हो नहीं सकता बुरा
जो करे सब का भला
खूबसूरत गर शमा
खूब ले उस का मज़ा
सोच सकता है नया
पेट जिसका हो भरा
बाढ़ का खतरा सहे
जो नदी तट पर बसा
— हमीद कानपुरी