गीतिका/ग़ज़ल *प्रीती श्रीवास्तव 08/09/202608/09/2026 0 Comments ग़ज़ल इश्क़े अंजाम पता क्या होगा।इस मुहब्बत में फ़ना क्या होगा।। कुछ भी मुमकिन हो तो कैसे आखिर।फैसला तेरा बता क्या Read More
गीतिका/ग़ज़ल *प्रीती श्रीवास्तव 18/08/202618/08/2026 ग़ज़ल आयेगी शाय़द क़यामत आज तो।करने दो उसको शिकायत आज तो।। हो गई मेहर ख़ुदा की उस पे है।यूं नहीं होगी Read More
गीतिका/ग़ज़ल *प्रीती श्रीवास्तव 21/07/202621/07/2026 तवायफ कहते हैं उसको तवायफ वो तो मुजरा करती है।अनगिनत आंँसू है आँखों में वो आहें भरती है।। ज़ख्म गहरे हैं Read More
गीतिका/ग़ज़ल *प्रीती श्रीवास्तव 21/06/202621/06/2026 शिकायत तू न करना ज़माने से शिकायत तू न करना।किसी से यूं अदावत तू न करना।। अगर है ये ज़माना तेरा दुश्मन।कभी कोई मुरौवत Read More
गीतिका/ग़ज़ल *प्रीती श्रीवास्तव 05/06/202605/06/2026 ग़ज़ल मुहब्बत को अपनी मनाना पड़ेगा।उन्हें पास अपने बुलाना पड़ेगा।। ख़फ़ा है वो जाने खता क्या हमारी।खता क्या हमारी बताना पड़ेगा।। Read More
गीतिका/ग़ज़ल *प्रीती श्रीवास्तव 14/05/202614/05/2026 ग़ज़ल रहते हैं मुहब्बत से तमाशा नहीं करते।खुश रहते हैं हर हाल में दिखावा नहीं करते।। तक़दीर बदल लेते हैं कर्मों Read More
गीतिका/ग़ज़ल *प्रीती श्रीवास्तव 08/05/202608/05/2026 ग़ज़ल तुम मुस्कुराते हो सनम सच में क़यामत ढाते हो।जब ज़ुल्फ लहराते हो बादल स्याह करके जाते हो।। पहलू में आकर Read More
गीतिका/ग़ज़ल *प्रीती श्रीवास्तव 25/04/202626/04/2026 ग़ज़ल देखते बस तुम्हें देखते रह गए।देख कर ये गेशू हम ठगे रह गए।। खूबसूरत सी आँखे तुम्हारी सनम।इश्क़ की डोर Read More
गीतिका/ग़ज़ल *प्रीती श्रीवास्तव 17/04/202617/04/2026 ग़ज़ल तू जो मुझसे मिली नहीं होती।अपनों से दुश्मनी नहीं होती।। ढूंढ लेता कोई सनम दूजा।तुझसे जो दिल्लगी नहीं होती।। मुस्कुरा Read More
गीतिका/ग़ज़ल *प्रीती श्रीवास्तव 08/04/202608/04/2026 ग़ज़ल तेरे खातिर जमाने से ही तौबा कर लिया मैंने।कठिन राहों पे चल कर दिल में तेरे घर लिया मैंने।। ख़ुदा Read More