पितरों का तर्पण और वृद्धाश्रम : हमारी संस्कृति का सबसे बड़ा विरोधाभास
भारतीय संस्कृति की सबसे विशिष्ट विशेषताओं में यदि किसी एक तत्व को विशेष रूप से रेखांकित किया जाए, तो वह
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Read Moreभारतीय लोकतंत्र की विराट इमारत संसद, विधानसभाओं, राजनीतिक दलों, चुनावी सभाओं और मतदान केंद्रों से जितनी दिखाई देती है, उसकी
Read Moreबिहार की धरती पर बाढ़ केवल पानी के फैलाव की एक प्राकृतिक घटना नहीं है; यह प्रकृति, नदियों, वर्षा, गाद,
Read Moreमानवीय जीवन की वास्तविक खूबसूरती केवल भौतिक उपलब्धियों, ऊँचे पदों, धन-दौलत और आधुनिक सुविधाओं में नहीं, बल्कि उन मानवीय मूल्यों
Read Moreहिंदी भारत के जनजीवन में बहती हुई वह सशक्त धारा है, जिसमें इतिहास की स्मृतियां, लोकजीवन की सहजता, साहित्य की
Read Moreभारतीय लोकतंत्र की सबसे बड़ी शक्ति उसकी व्यापकता, विविधता और संवैधानिक समानता में निहित है। संविधान ने प्रत्येक नागरिक को
Read Moreलोकतंत्र केवल सरकार बनाने की व्यवस्था नहीं है, बल्कि यह समाज के प्रत्येक नागरिक को अपने भविष्य, अपने अधिकारों और
Read Moreभारत में आरक्षण किसी व्यक्ति के विरुद्ध व्यवस्था नहीं है, बल्कि ऐतिहासिक रूप से वंचित और पिछड़े समुदायों को समान
Read Moreभारत की पहचान उसकी विविधता में है। यहाँ अनेक जातियाँ, समुदाय, भाषाएँ, संस्कृतियाँ और जीवन-पद्धतियाँ एक साथ दिखाई देती हैं।
Read Moreशिक्षा किसी भी राष्ट्र के विकास की आधारशिला है। यह केवल व्यक्ति को पढ़ना-लिखना सिखाने का माध्यम नहीं है, बल्कि
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