जितना ज़रूरी है
जितना ज़रूरी,भोर की पहली किरण,जागे विश्वास। सूखी धरती,बादल का कोमल स्पर्श,जीवन हँसे। नन्हा सा दीप,अँधियारा हार गया,मन उजियारा। मौन प्रार्थना,हवा
Read Moreजितना ज़रूरी,भोर की पहली किरण,जागे विश्वास। सूखी धरती,बादल का कोमल स्पर्श,जीवन हँसे। नन्हा सा दीप,अँधियारा हार गया,मन उजियारा। मौन प्रार्थना,हवा
Read Moreमन शांत रहेख्वाहिशों का भार न लोनभ मुस्काए आज नाव हल्की रखोसागर पथ सरल हो जाएमौन गीत गाए फूल स्वयं
Read Moreशिक्षा मानव जीवन का वह अमूल्य प्रकाश है जो अज्ञान के अंधकार को दूर कर ज्ञान, विवेक और संस्कार का
Read Moreभोर की किरण,क्षणों का उपहार,जीवन जागे। बहती नदी,रुकती नहीं कभी,समय कहे। सूखा पत्ता,हवा संग उड़ता,पल बीते। खिला सुमन,संध्या में झरता,काल
Read Moreमाटी की खुशबू,रोपनी में झुकी देहिया,बरखा मुस्काई। धान के नन्हे पौधे,हाथों में सपनों की हरियाली,धरती गुनगुनाए। कीचड़ भरे पग,फिर भी
Read Moreकिसी भी राष्ट्र की वास्तविक शक्ति उसकी आर्थिक समृद्धि, ऊँची इमारतों या आधुनिक तकनीक से नहीं आँकी जाती, बल्कि इस
Read Moreओस की बूँद,भोर मुस्काए,सुगंध अमर। वन की साँस,पत्ते गुनगुन,जीवन जागे। नभ निर्मल,चिड़िया का स्वर,मन महके। शांत सरिता,लहरें बोलें,काल ठहरे। फूल
Read Moreयत्र तत्र,जीवन की धुन,प्रकृति गाए। शीतल पवन,पत्तों की भाषा,मन मुस्काए। नीला गगन,उड़ते पंछी,स्वप्न सजाएँ। ओस की बूँद,सूरज की किरण,मोती बन
Read Moreधूप मुस्काई,मन ने पूछा चुप—इरादे कहाँ? सूना पथ था,पत्ते बोले धीरे—कदम ठिठके। ओस की बूँद,साहस फिर चमका—भोर जागी। ऊँचा पर्वत,नज़र
Read Moreओस की बूँदपत्ती मुस्काईभोर जागी नभ नीला हैपंछी गुनगुनाएँमन महके नदी बहेलहरें गाएँसपने तैरें शीतल पवनवन मुस्काएफूल झरें बादल आएधरती
Read More