हाइकु/सेदोका

रोपनी में रौंदल देहिया

माटी की खुशबू,
रोपनी में झुकी देहिया,
बरखा मुस्काई।

धान के नन्हे पौधे,
हाथों में सपनों की हरियाली,
धरती गुनगुनाए।

कीचड़ भरे पग,
फिर भी मन में उजियारा,
किसान मुस्काए।

बादल की छाया,
खेतों पर प्रेम बरसाए,
जीवन लहराए।

नन्ही-सी कोंपल,
आशा का दीप जलाए,
अन्न बन जाए।

पसीने की बूंदें,
मोती बन खेत सजाएँ,
धरती धन्य हो।

रोपनी का गीत,
हवा में धीरे बहता है,
गाँव मुस्काता।

रौंदल देहिया,
फिर भी हृदय खिला है,
माटी माँ हँसी।

हरियाली की गोद,
मेहनत की सुंदर गाथा,
कल का उत्सव।

धान की बालियाँ,
सपनों की राह दिखाएँ,
जीवन महके।

— डॉ. अशोक

डॉ. अशोक कुमार शर्मा

पिता: स्व ० यू ०आर० शर्मा माता: स्व ० सहोदर देवी जन्म तिथि: ०७.०५.१९६० जन्मस्थान: जमशेदपुर शिक्षा: पीएचडी सम्प्रति: सेवानिवृत्त पदाधिकारी प्रकाशित कृतियां: क्षितिज - लघुकथा संग्रह, गुलदस्ता - लघुकथा संग्रह, गुलमोहर - लघुकथा संग्रह, शेफालिका - लघुकथा संग्रह, रजनीगंधा - लघुकथा संग्रह कालमेघ - लघुकथा संग्रह कुमुदिनी - लघुकथा संग्रह [ अन्तिम चरण में ] पक्षियों की एकता की शक्ति - बाल कहानी, चिंटू लोमड़ी की चालाकी - बाल कहानी, रियान कौआ की झूठी चाल - बाल कहानी, खरगोश की बुद्धिमत्ता ने शेर को सीख दी , बाल लघुकथाएं, सम्मान और पुरस्कार: काव्य गौरव सम्मान, साहित्य सेवा सम्मान, कविवर गोपाल सिंह नेपाली काव्य शिरोमणि अवार्ड, पत्राचार सम्पूर्ण: ४०१, ओम् निलय एपार्टमेंट, खेतान लेन, वेस्ट बोरिंग केनाल रोड, पटना -८००००१, बिहार। दूरभाष: ०६१२-२५५७३४७ ९००६२३८७७७ ईमेल - ashokelection2015@gmail.com