मुक्तक/दोहा

नन्हे कदम

नन्हे-नन्हे पाँव से, छू लेगा आकाश।
मेहनत, सच्चाई, प्रेम से, होगा जग में खास॥

मधुर वचन, निर्मल हृदय, रखे सदा मुस्कान।
माता-पिता का मान कर, पाए सच्चा मान॥

ज्ञान-दीप मन में जले, बढ़े सदा विश्वास।
संस्कारों की छाँव में, महके जीवन-श्वास॥

हँसता बचपन फूल-सा, मन निर्मल निष्काम।
ऐसे बच्चों से सजे, भारत का हर धाम॥

— डॉ. प्रियंका सौरभ

*डॉ. प्रियंका सौरभ

रिसर्च स्कॉलर इन पोलिटिकल साइंस, कवयित्री, स्वतंत्र पत्रकार एवं स्तंभकार, (मो.) 7015375570 (वार्ता+वाट्स एप) facebook - https://www.facebook.com/PriyankaSaurabh20/ twitter- https://twitter.com/pari_saurabh