डिफॉल्ट

मतलब के सब रिश्ते नाते


मतलब के सब रिश्ते नाते।
बिना स्वार्थ अब काम न आते।।
पड़े जरूरत आप बुलाते।
नजर नहीं तब बिल्कुल आते।।

पहले तो ये पैर पकड़ते।
और बाद में बहुत अकड़ते।।
तब ये खुद को खुदा समझते।
शर्माते नहिं ऐसा कहते।।

मिलते जब तब स्वारथ बातें।
मीठी-मीठी झूठी गाते।।
स्वार्थ गया तो मुख को मोड़ें।
बिना बात पहले ये छोड़ें।।

फोन उठाकर हाल न जाने 
लगता ऐसे ना पहचाने।।
पड़े जरूरत साथ न देते।
ऐसे जन से रहना चेते।।

पैसा हो तो पास हैं आते।
दुख में सब हैं मुँह बिचकाते।।
इस जग की यह रीत पुरानी।
मतलब बिन कोई न सानी।।

*सुधीर श्रीवास्तव

शिवनगर, इमिलिया गुरूदयाल, बड़गाँव, गोण्डा, उ.प्र.,271002 व्हाट्सएप मो.-8115285921

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