छोटी छोटी नोंक-झोंक
सुबह की चाय मेंहल्की सी मुस्कान छिड़ीबातें फिर भी तीखी खिड़की के कोने परधूप और परछाई कीचुपचाप सी लड़ाई तुम्हारी
Read Moreसुबह की चाय मेंहल्की सी मुस्कान छिड़ीबातें फिर भी तीखी खिड़की के कोने परधूप और परछाई कीचुपचाप सी लड़ाई तुम्हारी
Read Moreबीते दिन की धूपमन के आँगन में आजधीरे उतरती यादों के धागेसमय से बुनते रहतेजीवन का ताना कल की परछाईआज
Read Moreरात का आँगनचुपचाप बिछा देता हैसपनों की चादर थकी पलकों परशांत उतरती है हवासमय सो जाता दीपक की लौ भीधीरे-धीरे
Read Moreसुबह की धुंध मेंसपने आँखें खोलते हैंथकती राहों पर भीकदम नहीं रुकते हैं हवा में प्रश्न हैंऔर समय के निशानहर
Read Moreशाम की दहलीज़पगचिह्न धुँधलाए सेमन ठहर-सा गया राहें चुप खड़ीकदमों की आहट मेंएक पुकार रही धूप उतर चलीसाँझ की नरम
Read Moreराहें थीं सीधीअचानक मुड़ गईंपवन के संग धूप के सायेचलते रहे कदमदिशा बदली सूखी सी मिट्टीअंकुर फिर भी फूटेआशा जगी
Read Moreशून्य की गोद मेंछिपा हुआ है जीवनएक अनकहा सत्य जहाँ कुछ भी नहींवहीं से सब कुछ जन्मेनए रूप लेते हैं
Read Moreबरसाती धाराकागज़ की छोटी नावसपने तैरें नन्हे से हाथपानी में छोड़तेखुशियाँ बहें मेघों की छाँवहँसी के संग बहतीनाव सुहानी गली
Read Moreदीया जलता है धीमी साँसों के साथहर लौ में एक नाजुक उम्मीद रहती हैहवा की हर टकराहट उसे हिला देती
Read Moreधीमी सी लहरहौसलों का सफ़रचुप सा साहस टूटे किनारेफिर भी बढ़ती राहआशा का दीप अधूरी राहेंकोशिशों की जीतमन में उजाला
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