बिहार की इकलौती उम्मीद
नई किरण
मिटे अँधियारा
जगे विश्वास
सूनी राह
आशा के पदचिह्न
मन प्रफुल्ल
माटी पुकारे
मेहनत के बीज
स्वर्ण प्रभात
हर किसान
सपनों की फसल
मुस्कान बोए
युवा चले
हौसलों के संग
क्षितिज छुए
ज्ञान दीप
गाँव-गाँव जले
भविष्य दमके
एक उम्मीद
बदले तक़दीर
जन-जन हँसे
बिहार खिले
उन्नति की ओर
नव विहान
— डॉ. अशोक
